Republic Day 2026 PM Modi Outifit: 26 जनवरी 2026 को देश ने 77वां गणतंत्र दिवस मनाया और इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पारंपरिक लुक एक बार फिर चर्चा में रहा।देशभक्ति, संस्कृति और परंपरा का खूबसूरत मेल उनके इस साल के परिधान में साफ नजर आया।
Republic Day 2026 PM Modi Outifit: 77वें गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर अपने खास पारंपरिक अंदाज में नजर आए। हर साल की तरह इस बार भी उनका लुक चर्चा का केंद्र बना, जहां रंगीन बंधेज साफे और क्लासिक पहनावे ने न सिर्फ सबका ध्यान खींचा, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा का मजबूत संदेश भी दिया।
गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ की। इसके बाद कर्तव्य पथ पर भव्य परेड के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र का नेतृत्व किया। इस ऐतिहासिक मौके पर पीएम मोदी का पहनावा हमेशा की तरह खास संदेश देता नजर आया।
इस साल प्रधानमंत्री मोदी ने हल्के स्काई ब्लू रंग की स्लीवलेस नेहरू जैकेट पहनी, जिसका ‘बंद गला’ डिजाइन उनके लुक को बेहद शालीन बना रहा था। इसके नीचे उन्होंने नेवी ब्लू रंग का फुल स्लीव कुर्ता पहना, जो हल्के रंग की जैकेट के साथ शानदार कंट्रास्ट बना रहा था।जैकेट की ऊपरी जेब में रखा रंगीन रूमाल लुक में एक अलग ही जान डाल रहा था, जो उनकी पगड़ी के रंगों से खूबसूरती से मेल खा रहा था।
हर साल की तरह इस बार भी पीएम मोदी की पगड़ी सबसे ज्यादा चर्चा में रही। उन्होंने गहरे गुलाबी यानी मजेंटा रंग का बांधनी स्टाइल साफा पहना, जिस पर सुनहरे रंग की बारीक पत्तियों का काम किया गया था। साफे के पिछले हिस्से में हरे, पीले और लाल रंग की धारियां नजर आईं, जो इसे पारंपरिक राजस्थानी और गुजराती पहचान देती हैं।यह साफा न सिर्फ देखने में आकर्षक था, बल्कि भारतीय हस्तकला की समृद्ध परंपरा को भी दर्शा रहा था।
पीएम मोदी का गणतंत्र दिवस लुक सिर्फ फैशन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसमें एक गहरा संदेश भी छिपा होता है। उनकी बहुरंगी पगड़ी भारत की विविधता और एकता का प्रतीक है। अलग-अलग रंग यह दिखाते हैं कि भारत अनेक संस्कृतियों, परंपराओं और धर्मों को साथ लेकर आगे बढ़ता है।साथ ही, ‘बांधनी’ जैसी पारंपरिक कला को इस बड़े राष्ट्रीय मंच पर पहनकर प्रधानमंत्री ने स्थानीय कारीगरों, हथकरघा और स्वदेशी कला को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया।