Money saving tips from salary in Hindi: आज के स्टोरी में हम 7 ऐसी छोटी लेकिन जरूरी बातों को बताने जा रहे हैं, जिन्हें अगर आप फॉलो करते हैं, तो महीने के अंत में आपके हाथ खाली नहीं होंगे और आप पूरा महीना भी अच्छे से गुजार पाएंगे।
Salary Se Paise Kaise Bachaye: आज के समय में ट्रेंड को फॉलो करने के चक्कर में ज्यादातर लोगों की यही कंडीशन है कि जैसे ही महीने की शुरुआत में फोन पर Salary Credited का मैसेज आता है, वैसे ही लोग शॉपिंग करना शुरू कर देते हैं। इससे महीने की शुरुआत तो काफी अच्छी चलती है, लेकिन अंत आते-आते दिन काटने मुश्किल हो जाते हैं। अक्सर आखिरी हफ्ता उधार मांगकर या क्रेडिट कार्ड के भरोसे गुजारना पड़ता है।
अगर आप इस टेंशन से बचना चाहते हैं, तो हमारी आज की यह स्टोरी आपके काम आ सकती है। इस स्टोरी में हम 7 ऐसी छोटी लेकिन जरूरी बातों को बताने जा रहे हैं, जिन्हें अगर आप फॉलो करते हैं, तो महीने के अंत में आपके हाथ खाली नहीं होंगे और आप पूरा महीना भी अच्छे से गुजार पाएंगे। आइए जानते हैं इन 7 जरूरी टिप्स के बारे में विस्तार से।
सैलरी आते ही ज्यादातर लोग सबसे पहली गलती यह करते हैं कि बिना बजट बनाए ही खर्च करना शुरू कर देते हैं। अगर आप चाहते हैं कि महीने के अंत में भी आपके पास पैसे बचे रहें, तो जैसे ही सैलरी आए, सबसे पहले अपनी कैपेसिटी के हिसाब से 2000-5000 रुपये किसी दूसरे अकाउंट में डाल दें या कहीं इन्वेस्ट कर दें। इसके बाद जो पैसा बचे, उसी में अपना पूरा महीना चलाएं।
ज्यादातर लोगों को बजट बनाना काफी बोरिंग और ओल्ड फैशन्ड लगता है, लेकिन यह कोई मुश्किल काम नहीं बल्कि एक छोटा सा हिसाब है। अपनी सैलरी का आधा हिस्सा (50%) घर के जरूरी कामों किराया, राशन, बिजली बिल के लिए रखें। 30% पैसा अपनी मौज-मस्ती घूमना, पार्टी, मूवी पर खर्च करें और कम से कम 20% हिस्सा तो बचाना ही बचाना है। इससे आपको पता रहेगा कि आप अपनी लिमिट कब पार कर रहे हैं।
आजकल फोन खोलते ही डिस्काउंट और सेल के नोटिफिकेशन दिखने लगते हैं। लोग अक्सर वो चीजें भी खरीद लेते हैं जिनकी उन्हें जरूरत नहीं होती। इससे बचने का बेस्ट तरीका है 24 घंटे का नियम। कोई भी चीज पसंद आए तो उसे तुरंत न खरीदें, बल्कि उसे कार्ट में डाल दें और अगले दिन देखें। 90% चांस है कि अगले दिन तक आपका मन बदल जाएगा और आपके पैसे बच जाएंगे।
कई लोगों को लगता है कि दिन भर में 10-20 रुपये यहां-वहां खर्च करने से क्या होगा। लेकिन महीने के अंत में यही छुट्टे पैसे हजारों का फटका देते हैं। अपने फोन में कोई भी छोटी ऐप डाल लें या डायरी रखें और लिखें कि पैसे कहां खर्च हुए हैं। जब आप देखेंगे कि आप कितनी फालतू जगह पैसे खर्च कर रहे हैं, तो अगले महीने आपको खुद वहां पैसे खर्च करने पर बुरा लगेगा और आप फालतू खर्च से बचेंगे।
क्रेडिट कार्ड फालतू पैसे खर्च करवाने की सबसे बड़ी वजह है, क्योंकि हमें लगता है कि पैसे अभी हमारी जेब से थोड़े ही जा रहे हैं। लेकिन सैलरी आते ही जब इनका बिल भरना पड़ता है, तो सारा बजट बिगड़ जाता है। कोशिश करें कि जो चीज आप नकद (Cash) या डेबिट कार्ड से नहीं खरीद सकते, उसे उधार (Credit) पर भी न लें। किस्तों का बोझ ही महीने के अंत में हाथ खाली रखता है।
अक्सर सैलरी बढ़ते ही लोग महंगे फोन, ब्रांडेड कपड़े और लग्जरी लाइफ की तरफ भागते हैं। इसे ही दिखावे का खर्चा कहते हैं। समझदारी इसी में है कि जैसे-जैसे कमाई बढ़े, वैसे-वैसे अपने खर्च न बढ़ाकर अपनी बचत बढ़ाएं। लोग क्या कहेंगे, यह सोचने के बजाय यह सोचें कि आपके बैंक बैलेंस में कितना पैसा है।
महीने का बजट तब बिगड़ता है जब अचानक कोई बड़ा खर्चा आ जाए, जैसे गाड़ी खराब होना या डॉक्टर के पास जाना। इससे बचने के लिए हर महीने थोड़े-थोड़े पैसे एक अलग अकाउंट में डालें, जिसे इमरजेंसी फंड कहते हैं। इसे सिर्फ तभी खर्च करें जब बहुत ज्यादा जरूरत हो। यह फंड आपको मुसीबत के समय किसी के आगे हाथ फैलाने से बचाएगा।