Side Effects Of Coffee: कॉफी एक हेल्दी ड्रिंक हो सकती है, लेकिन इसे सही समय और सीमित मात्रा में लिया जाए तभी इसका लाभ होता है। वरना इसका असर हानिकारक भी हो सकता है। जी हां, कुछ परिस्थितियों में कॉफी से दूरी बनाना आपकी सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है।
Side Effects Of Coffee: कॉफी दुनिया भर में पसंद किया जाने वाला पेय है, जो ऊर्जा बढ़ाने और मूड को बेहतर बनाने के लिए जाना जाता है। कई लोगों की सुबह की शुरुआत कॉफी के साथ ही होती है। आपने कुछ लोगों को देखा होगा जो दिनभर में 3 से 4 बार कॉफी पीते हैं और यह उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन जाता है। हालांकि, हर चीज की तरह कॉफी का सेवन भी सीमित मात्रा में ही फायदेमंद होता है। कुछ विशेष परिस्थितियों में कॉफी पीना आपके स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकता है। आइए जानते हैं वे पांच स्थितियां, जब कॉफी पीने से बचना ही बेहतर होता है।
सुबह उठते ही बिना कुछ खाए कॉफी (Coffee) पीना आम आदत बन चुकी है। लेकिन यह आदत पेट की सेहत के लिए ठीक नहीं है। खाली पेट कैफीन लेने से एसिडिटी और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इससे गैस्ट्रिक एसिड बढ़ता है, जिससे अल्सर या अपच की आशंका भी बढ़ जाती है।
अगर आप पहले से ही तनाव या चिंता में हैं, तो कॉफी की अधिक मात्रा आपके तनाव को और बढ़ा सकती है। कैफीन नर्वस सिस्टम को उत्तेजित करता है, जिससे बेचैनी, घबराहट और दिल की धड़कन तेज होने की संभावना रहती है।
रात को सोने से ठीक पहले कॉफी पीना नींद की गुणवत्ता पर असर कर सकता है। कैफीन नींद को देर से आने और नींद के दौरान बार-बार जगने का कारण बन सकता है। अगर आप अच्छी नींद चाहते हैं, तो सोने से कम से कम 4–6 घंटे पहले कॉफी लेना बंद कर दें।
दिल की बीमारियों से जूझ रहे लोगों को कॉफी का सेवन बहुत सोच-समझकर करना चाहिए। अधिक कैफीन से ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट बढ़ सकता है, जो हृदय के लिए जोखिमभरा हो सकता है। ऐसे लोग डॉक्टर से सलाह लेकर ही कॉफी पिएं।
गर्भवती महिलाओं को कॉफी के सेवन से परहेज करने की सलाह दी जाती है। ज्यादा कैफीन भ्रूण (Fetus) के विकास पर असर डाल सकता है और गर्भपात (Abortion) या समय से पहले डिलीवरी का खतरा बढ़ा सकता है। WHO के अनुसार, प्रेग्नेंसी में रोजाना 200mg से अधिक कैफीन नहीं लेना चाहिए।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।