
Sonam Wangchuk Ladakh House: पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक इन दिनों दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे अनशन की वजह से सुर्खियों में हैं। सोनम प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर लोग सोनम वांगचुक से जुड़ी जानकारी जानना चाह रहे हैं। आइए जानते हैं कि लद्दाख में उनका घर कैसा दिखता है।
लद्दाख स्थित सोनम वांगचुक के घर की दीवारें पारंपरिक तरीके से मिट्टी से बनाई गई हैं, लेकिन इसमें आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया है। यूट्यूब चैनल पर सोनम ने 3 साल पहले अपने घर का टूर दिखाते हुए कहा था, "पुराने समय की अच्छी चीजों को बचाकर उनमें नई सुविधाएं जोड़ना ही सही विकास है।"
सोनम के घर की दीवारें मिट्टी की हैं, लेकिन अंदर का पूरा डिजाइन आधुनिक है। इसमें बैठने की जगह, कमरे और दूसरी सुविधाएं आज के समय की जरूरतों के हिसाब से तैयार की गई हैं। इस तरह पारंपरिक लद्दाखी शैली और आधुनिक सुविधाओं का सुंदर मेल देखने को मिलता है। उनके हॉल में एक साथ बैठकर भोजन करने के लिए डाइनिंग टेबल के साथ जमीन पर बैठने की व्यवस्था भी की गई है, ताकि पारंपरिक तरीके को भी बनाए रखा जा सके।
लद्दाख में सर्दियां बेहद कड़ी होती हैं। ऐसे में घर को गर्म रखना एक बड़ी चुनौती होती है। इसे ध्यान में रखते हुए सोनम वांगचुक ने अपने घर में सोलर हीटिंग सिस्टम लगाया है। इसके लिए घर की एक दीवार में पानी की बोतलों का इस्तेमाल किया गया है। दिन में सूरज की गर्मी इन दीवारों में जमा हो जाती है और रात के समय यही गर्मी कमरे को गर्म रखने में मदद करती है। इस तकनीक की मदद से बिना ज्यादा ऊर्जा खर्च किए घर का तापमान आरामदायक बना रहता है।
सोनम वांगचुक ने अपने घर का बाथरूम आधुनिक शैली में बनाया है, लेकिन टॉयलेट को कंपोस्ट टॉयलेट मॉडल पर तैयार किया है। यह न केवल पानी की बर्बादी रोकता है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। सोनम के अनुसार, सामान्य फ्लश टॉयलेट में काफी पानी खर्च होता है, जबकि कंपोस्ट टॉयलेट में पानी की जरूरत नहीं होती। इसमें मानव मल धीरे-धीरे खाद में बदल जाता है, जिसका इस्तेमाल खेती में किया जा सकता है। इससे पानी की बचत होती है और जमीन में होने वाले प्रदूषण को भी कम किया जा सकता है।