Largest Tea Producing Region: आज के इस लेख में आइए जानते हैं कि असम को टी कैपिटल क्यों कहते हैं, दुनिया में सबसे ज्यादा चाय कहां पैदा होती है और चाय की खेती के लिए कैसा मौसम चाहिए।
Tea Capital of the World: भारत के साथ-साथ दुनिया भर में लोग पानी के बाद सबसे ज्यादा चाय पीना पसंद करते हैं। सुबह की शुरुआत हो या ऑफिस से थककर घर आने की थकान, एक कप चाय हर किसी को सुकून देती है। चाय असल में एक खास पौधे की पत्तियों से बनती है, इसलिए अगर इसे सही तरीके से बनाया जाए तो यह सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकती है। आइए, आज के इस लेख में चाय से जुड़ी कुछ खास और दिलचस्प बातों को जानते हैं।
भारत के उत्तर-पूर्व में बसा असम राज्य टी कैपिटल यानी चाय की राजधानी के नाम से मशहूर है। भारत में जितनी भी चाय पैदा होती है, उसका एक बहुत बड़ा हिस्सा अकेले असम से ही आता है। यहां की चाय अपने कड़क स्वाद और गहरे रंग के लिए जानी जाती है। ब्रह्मपुत्र घाटी में फैले चाय के बड़े-बड़े बागान न सिर्फ यहां की खूबसूरती बढ़ाते हैं, बल्कि यहां की अर्थव्यवस्था का मुख्य जरिया भी हैं।
दुनिया में चीन सबसे ज्यादा चाय उगाने वाला देश है। यह हर साल 2 मिलियन टन से अधिक चाय का उत्पादन करता है, जो दुनिया के कुल चाय उत्पादन का लगभग आधा हिस्सा है। चीन में चाय का इतिहास बहुत पुराना है और इसे ही चाय का जन्मस्थान माना जाता है। यहां चाय का इतिहास लगभग 4,000-5,000 वर्ष पुराना है, जिसकी शुरुआत 2737 ईसा पूर्व में सम्राट शेन नोंग के गर्म पानी में गलती से पत्तियां गिरने से हुई थी।
शुरुआत में यह एक औषधीय पेय था, जो बाद में तांग राजवंश (618-906 ईस्वी) तक एक राष्ट्रीय पेय और सांस्कृतिक प्रतीक बन गया। चीन में ग्रीन टी, ब्लैक टी और ऊलोंग टी जैसी कई वैरायटी उगाई जाती हैं। आज भी यहां चाय तैयार करने के लिए पुराने और पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल होता है और चीन अपनी चाय को दुनिया के कई देशों में एक्सपोर्ट करता है।
असम और चीन के अलावा भी दुनिया में कई ऐसी जगहें हैं जहां बेहतरीन चाय उगाई जाती है। भारत में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के अलावा पड़ोसी देश श्रीलंका और केन्या भी चाय के बड़े उत्पादक माने जाते हैं। इन क्षेत्रों में चाय की खेती के लिए बहुत ही अनुकूल माहौल मिलता है, जिससे अलग-अलग स्वाद और अनोखी खुशबू वाली चाय तैयार होती है। यही वजह है कि आज पूरी दुनिया में चाय की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है।
चाय का पौधा हर कहीं नहीं उग सकता क्योंकि इसे उगाने के लिए खास मौसम की जरूरत होती है। चाय की खेती के लिए गर्म और नमी वाली जलवायु सबसे अच्छी मानी जाती है, जहां नियमित रूप से बारिश होती रहे। इसके लिए 20°C से 30°C के बीच का तापमान सबसे सही रहता है। अक्सर ऊंचाई वाले इलाकों में चाय की क्वालिटी और भी अच्छी हो जाती है, बस मिट्टी ऐसी होनी चाहिए जिसमें पानी रुके नहीं।
चाय उत्पादन और इसके इस्तेमाल से जुड़ी कई बातें इसे और भी खास बनाती हैं। पानी के बाद चाय ही वह ड्रिंक है जिसे दुनिया भर में सबसे ज्यादा पिया जाता है। जहां असम की चाय अपने कड़क स्वाद के लिए फेमस है, वहीं बाजार में यह ब्लैक, ग्रीन, व्हाइट और ऊलोंग जैसे कई प्रकारों में मिलती है। चाय की खेती का सिलसिला हजारों सालों से चला आ रहा है और समय के साथ यह पूरी दुनिया में फैल गया। आज के समय में चाय कई देशों के लिए एक बड़ा बिजनेस है जो उनकी इकोनॉमी में बहुत मदद करता है।