Virat Kohli Viral Drink: मैच के दौरान विराट कोहली के हाथ में दिखे एक छोटे से शॉट ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा छेड़ दी। किसी ने उसे रम बताया, तो किसी ने एनर्जी ड्रिंक। लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग और कहीं ज्यादा दिलचस्प है। दरअसल, विराट जिस ड्रिंक को पीते नजर आए, वह था पिकल जूस यानी अचार का पानी।
Virat Kohli Viral Drink: भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए फाइनल वनडे मुकाबले के दौरान विराट कोहली का एक छोटा-सा पल सोशल मीडिया पर तूफान बन गया। मैच के बीच कोहली ने पानी या एनर्जी ड्रिंक नहीं, बल्कि एक अलग तरह का ड्रिंक पिया और उसकी एक घूंट के बाद दिया गया रिएक्शन कैमरे में कैद हो गया। बस फिर क्या था वीडियो वायरल हो गया और फैंस के बीच यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई कि आखिर विराट कोहली ने मैच के दौरान कौन-सा सीक्रेट ड्रिंक पिया और इसके फायदे क्या हैं?
भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए फाइनल वनडे मुकाबले के दौरान विराट कोहली को मैच के बीच पिकल जूस पीते देखा गया। यह कोई फैंसी या केमिकल से भरा स्पोर्ट्स ड्रिंक नहीं, बल्कि अचार में मौजूद खट्टा-नमकीन तरल होता है। पिकल जूस में प्राकृतिक रूप से सोडियम और पोटैशियम जैसे जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स पाए जाते हैं, जो शरीर के हाइड्रेशन और मसल फंक्शन के लिए बेहद अहम माने जाते हैं।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, खेल के दौरान खिलाड़ियों को अक्सर मसल क्रैम्प्स यानी मांसपेशियों में अचानक ऐंठन की समस्या होती है। लगातार दौड़ना, तेज गर्मी और ज्यादा पसीना आने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है। यही कमी मसल्स को जकड़ देती है और खेल पर सीधा असर डालती है।पिकल जूस में मौजूद सोडियम और सिरका नसों को तेजी से एक्टिव करते हैं। इससे दिमाग तक तुरंत सिग्नल पहुंचता है कि मांसपेशियों को रिलैक्स करना है। यही वजह है कि कई एथलीट इसे क्रैम्प्स के समय तुरंत राहत के लिए इस्तेमाल करते हैं।
पिकल जूस का सबसे बड़ा फायदा इसकी तेज प्रतिक्रिया है। माना जाता है कि इसका असर 30 से 90 सेकंड के अंदर शुरू हो जाता है। यह मुंह और गले की नसों को उत्तेजित करता है, जिससे दिमाग मसल्स को आराम देने का संकेत देता है।
पिकल जूस का फायदा तभी होता है जब क्रैम्प शुरू हो जाए। इसे पहले से पीने से कोई खास लाभ नहीं मिलता। दिलचस्प बात यह है कि विशेषज्ञ इसे निगलने से ज्यादा, 20–30 सेकंड तक मुंह में घुमाने की सलाह देते हैं, ताकि सिरका और नमक नसों पर जल्दी असर कर सकें।