Amol Muzumdar : भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपलब्धियों के चर्चे हर जगह हो रहे हैं। ऐसे में टीम के कोच अमोल मजूमदार की भी खूब सराहना की जा रही है। उन्होंने अपने अनुभव और समझदारी से टीम को जीत के लिए तैयार किया।आइए जानते हैं, कौन हैं और उन्हें कोच के तौर पर क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं।
Amol Muzumdar: भारतीय महिला क्रिकेट के शानदार प्रदर्शन से देश को मिला पहला वर्ल्ड कप खिताब। इस ऐतिहासिक जीत के पीछे एक ऐसे कोच का हाथ रहा, जिन्हें खुद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का मौका तो नहीं मिला, लेकिन उन्होंने महिला क्रिकेट टीम के कोच बनकर सफलता की नई इबारत लिख दी। अपनी समझदारी और बेहतरीन ट्रेनिंग के जरिए उन्होंने टीम में अनुशासन, आत्मविश्वास और दृढ़ता की भावना जगाई, जिससे कोचिंग की परिभाषा ही बदल गई।आइए जानते हैं कौन हैं अमोल मजूमदार (Amol Muzumdar)भारतीय महिला क्रिकेट टीम के इस प्रेरणादायक चेहरे के जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें।
11 नवम्बर 1974 को मुंबई में जन्मे अमोल मजूमदार ने बचपन से ही बल्ले और गेंद के बीच अपनी पहचान ढूंढ ली थी। उनकी प्रारंभिक शिक्षा BPM हाई स्कूल में हुई, जबकि आगे की पढ़ाई और क्रिकेट की बारीकियां उन्होंने मशहूर शारदाश्रम विद्यामंदिर से सीखी। महान कोच रामाकांत आचरेकर ने उन्हें निखारा वही गुरु जिन्होंने सचिन तेंदुलकर को भी दिशा दी थी।
अमोल मजूमदार ने भले ही भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय मैच न खेला हो, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उन्होंने ऐसा मुकाम बनाया जो बहुत कम लोगों को नसीब होता है।उन्होंने 171 प्रथम श्रेणी मैचों में 11,000 से अधिक रन बनाए, जिनमें 30 से अधिक शतक शामिल हैं।
साल 2014 में क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद मजूमदार ने अपने अनुभव को नई दिशा दी क्रिकेट कोचिंग की उन्होंने शुरुआत में भारत की अंडर-19 और अंडर-23 टीमों के साथ बल्लेबाजी कोच के रूप में काम किया। बाद में वह राजस्थान रॉयल्स (IPL) के साथ जुड़े और दक्षिण अफ्रीका की राष्ट्रीय टीम के बल्लेबाजी सलाहकार भी रहे।उनका अंतरराष्ट्रीय अनुभव यहीं तक सीमित नहीं रहा उन्होंने नीदरलैंड्स क्रिकेट टीम को भी सलाहकार के रूप में अपनी सेवाएँ दीं।
अक्टूबर 2023 में बीसीसीआई (BCCI) ने अमोल मजूमदार को भारतीय महिला क्रिकेट टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया।
लगभग दस महीने से यह पद खाली था, और उनकी नियुक्ति ने नई उम्मीदें जगा दीं। शुरू में कुछ आलोचना भी हुई क्योंकि मजूमदार ने कभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला था। लेकिन उनका रिकॉर्ड, क्रिकेट की समझ और कोचिंग का अनुभव सब पर भारी पड़ा।
हालांकि बीसीसीआई ने आधिकारिक तौर पर अमोल मजूमदार की सैलरी का खुलासा नहीं किया है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार भारतीय महिला टीम के कोच को लगभग करोड़ में होते है वार्षिक पैकेज ।