
Why Bollards Are Used: सड़क, फुटपाथ, मेट्रो स्टेशन या मॉल जैसी जगहों पर आपने एक पीली लाइन, टेक्सचर वाली टाइल्स के साथ ही कमर तक ऊंचे खंभे भी जरूर देखे होंगे। कई बार ये खंभे एक लाइन में लगे होते हैं और देखने में सिर्फ एक साधारण लोहे या स्टील का स्ट्रक्चर लगते हैं। लेकिन इन्हें लगाने के पीछे लोगों की सुरक्षा से जुड़ी खास वजह होती है। आइए जानते हैं सड़क, मेट्रो और मॉल जैसी जगहों पर ये खंभे और पीली टाइल्स क्यों लगाए जाते हैं।
मेट्रो प्लेटफॉर्म के किनारे लगी पीली उभरी हुई टाइल्स सिर्फ प्लेटफॉर्म को अलग दिखाने के लिए नहीं होती हैं। इन्हें टैक्टाइल टाइल्स (Tactile Tiles) या टैक्टाइल इंडिकेटर्स (Tactile Indicators) कहा जाता है। इनकी उभरी हुई सतह से कम दिखाई देने वाले या नेत्रहीन लोग अपने पैरों या छड़ी की मदद से रास्ते और प्लेटफॉर्म के किनारे का अंदाजा लगा सकते हैं।
इन टाइल्स को प्लेटफॉर्म के किनारे लगाने का एक मकसद यात्रियों को किनारे से सुरक्षित दूरी बनाए रखने में मदद करना भी होता है। यानी प्लेटफॉर्म पर लगी ये पीली टाइल्स सिर्फ डिजाइन का हिस्सा नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए होती हैं।
सड़क, फुटपाथ, मेट्रो स्टेशन और मॉल के बाहर लगे कमर तक ऊंचे खंभों को बोलार्ड (Bollards) कहा जाता है। ये खंभे पैदल चलने वाले लोगों की जगह को गाड़ियों से अलग रखने के लिए लगाए जाते हैं। कुछ जगहों पर इन्हें एस्केलेटर (Escalator) के आसपास और एंट्री या एग्जिट पॉइंट के पास भी लगाया जाता है। अगर कोई गाड़ी गलती से फुटपाथ या पैदल चलने वाली जगह की तरफ आ जाए तो ये मजबूत खंभे उसके रास्ते में रुकावट पैदा कर सकते हैं। भीड़भाड़ वाली जगहों पर इनका इस्तेमाल लोगों और वाहनों के बीच सुरक्षा का एक बैरियर बनाने के लिए किया जाता है।
पीली टैक्टाइल टाइल्स (Tactile Tiles) और बोलार्ड (Bollards) दोनों का काम लोगों की सुरक्षा और आसान आवाजाही से जुड़ा है। टैक्टाइल टाइल्स खास तौर पर रास्ते और प्लेटफॉर्म के किनारे को समझने में मदद करती हैं, जबकि स्टील बोलार्ड लोगों के चलने वाले रास्ते को वाहनों से सुरक्षित रखने में मदद करते हैं।