Winter Hair Oil: अगर आप भी सर्दियों आते ही अपने बालों की चिंता करने में लग जाते हैं तो ये लेख आपके लिए ही है। यहां ऐसे 5 हेयर ऑयल्स के बारे में बताया गया है जो कि बालों को प्रोटेक्ट, हेयर ग्रोथ को बूस्ट और बेजान बालों में जान डाल सकते हैं।
Winter Hair Oil: जब सर्दी का सीजन दस्तक देता है, तो सबसे पहले हमारे बाल और स्किन इसका असर महसूस करते हैं। ठंड की कड़ाके वाली हवाओं में बालों का नेचुरल मॉइश्चर गायब होने लगता है और वे बेजान से दिखने लगते हैं। बालों में ड्राईनेस, टूटना, दो-मुंहे बाल और डैंड्रफ जैसी प्रॉब्लम्स होती हैं। ऐसे में बालों को हेल्दी रखने के लिए आपको प्रॉपर केयर करने की जरूरत है। आप रेगुलर ऑयलिंग, माइल्ड वार्म वॉटर से हेयर वॉश और मॉइश्चराइजिंग हेयर मास्क का यूज कर के अपने बालों को हाइड्रेटेड और सॉफ्ट बना सकते हैं। यहां आप पढ़ेंगे ऐसे 5 तेल के बारे में जो सर्दियों में आपके बालों के लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकते हैं। आइए जानते हैं इन अमेजिंग हेयर ऑयल्स के बारे में।
वूमेन हेल्थ मैगजीन ( Women's Health Magazine) के अनुसार जोजोबा ऑयल हमारे स्कैल्प के नेचुरल सीबम से काफी सिमिलर होता है, जो बालों को डीप मॉइश्चराइजेशन प्रोवाइड करता है और क्विकली एब्जॉर्व हो जाता है। यह ड्राई हेयर को रिस्टोर करके उन्हें सुपर सॉफ्ट बनाता है।
कैस्टर ऑयल थिक कंसिस्टेंसी वाला होता है जो हेयर ग्रोथ को बूस्ट करने के लिए फेमस है। विंटर सीजन में यह ऑयल ड्राईनेस, इचिंग, इरिटेशन, इंफेक्शन और स्प्लिट एंड्स को रिड्यूस करने में इफेक्टिव है।
विटामिन ए, विटामिन बी और विटामिन ई से रिच बादाम का तेल बालों को प्रॉपर न्यूट्रिशन देकर विंटर ड्राईनेस से प्रोटेक्ट करता है। इसके रेगुलर यूज से बाल सॉफ्ट और ग्लॉसी बने रहते हैं।
नारियल का तेल हेयर रूट्स में मॉइश्चर लॉक करता है और उन्हें स्ट्रॉन्ग बनाता है। हल्के गर्म कोकोनट ऑयल से स्कैल्प मसाज करने से ब्लड सर्कुलेशन इम्प्रूव होता है, जिससे बाल हेल्दी और शाइनी दिखते हैं।
लाइटवेट और नॉन-ग्रीसी नेचर की वजह से ग्रेपसीड ऑयल हेयर में ईजिली एब्जॉर्व हो जाता है और स्कैल्प की मॉइश्चर रिटेन करता है। इसके नियमित इस्तेमाल से हेयर ड्राईनेस एलिमिनेट हो जाती है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।