लाइफस्टाइल

WWE स्टार Rinku Singh Rajput ने छोड़ी फेम की दुनिया, बने प्रेमानंद महाराज के शिष्य, जानिए करोड़ों कमाने वाले की जीवन कहानी

Rinku Singh Rajput: अमेरिका में करोड़ों की कमाई और शोहरत हासिल करने के बाद उन्होंने फेम और लग्जरी लाइफ से दूरी बना ली। आज रिंकू सिंह ने अध्यात्म की राह चुन ली है और प्रेमानंद महाराज के शिष्य बनकर सेवा और साधना में जीवन समर्पित कर रहे है।

2 min read
Nov 02, 2025
Veer Mahaan WWE|फोटो सोर्स – Freepik

Rinku Singh Rajput: कभी रिंग में अपने दमखम और आक्रामक अंदाज से दर्शकों का दिल जीतने वाले WWE स्टार रिंकू सिंह राजपूत आज एक अलग ही राह पर निकल चुके हैं। करोड़ों की कमाई, ग्लैमर और शोहरत छोड़कर अब वे वृंदावन में प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम में सेवा कर रहे हैं। साधारण वस्त्रों में, माथे पर तिलक लगाए, झाड़ू लगाते और भक्ति में लीन दिखाई देते हैं।

ये भी पढ़ें

Shah Rukh Khan Birthday: फिल्मों में बादशाह के 5 आइकॉनिक लुक्स, जो आज भी हैं सुपर कूल ट्रेंड

वायरल वीडियो ने छू लिए करोड़ों दिल

एक वीडियो में रिंकू सिंह को प्रेमानंद जी महाराज के चरणों में देखा गया, जहां दोनों के बीच एक बेहद भावुक बातचीत हुई। महाराज जी ने मुस्कुराते हुए कहा,“अगर तुमको लगता है कि तुम हो गए हो इस संसार के लायक, तो आ जाओ।”रिंकू ने हाथ जोड़कर नम्रता से उत्तर दिया,“लगने लगा है।”यह छोटा-सा संवाद सोशल मीडिया पर लाखों दिलों को छू गया।

कौन है रिंकू सिंह राजपूत

कभी रिंग में अपने दमखम और आक्रामक अंदाज से दर्शकों का दिल जीतने वाले WWE स्टार रिंकू सिंह राजपूत आज एक अलग ही राह पर निकल चुके हैं। करोड़ों की कमाई, ग्लैमर और शोहरत छोड़कर अब वे वृंदावन में प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम में सेवा कर रहे हैं। वही रिंकू, जो कभी दुनिया के सामने “Veer Mahaan” के नाम से जाने जाते थे, अब साधारण वस्त्रों में, माथे पर तिलक लगाए, झाड़ू लगाते और भक्ति में लीन दिखाई देते हैं।

छोटे गांव से लेकर WWE तक का सफर

उत्तर प्रदेश के छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने पहले अमेरिकी बेसबॉल लीग में इतिहास रचा वे अमेरिका में प्रोफेशनल बेसबॉल खेलने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने। उनकी जीवनकथा पर 2014 में डिज्नी ने फिल्म Million Dollar Arm भी बनाई थी।

भाला फेंक में भी दिखाई प्रतिभा

रेसलिंग और बेसबॉल से पहले, रिंकू एक जैवलिन थ्रोअर (भाला फेंक खिलाड़ी) के रूप में चमके। उन्होंने जूनियर नेशनल स्तर पर कई पदक जीते और यहीं से उनके खेल जीवन की असली शुरुआत हुई।भाला फेंक से लेकर बेसबॉल और फिर WWE तक रिंकू सिंह का सफर साबित करता है कि अगर जुनून सच्चा हो, तो कोई भी मैदान छोटा नहीं होता।

साधारण परिवार में बीता बचपन

रिंकू नौ भाई-बहनों के बड़े परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता एक ड्राइवर के रूप में काम करते थे और सीमित साधनों के बावजूद परिवार ने बच्चों के सपनों को उड़ान देने की कोशिश की।रिंकू को बचपन से ही खेलों का शौक था। स्कूल के दिनों में उन्होंने कई एथलेटिक प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और अपनी मेहनत से सबका ध्यान खींचा।

ये भी पढ़ें

Premanand Ji Maharaj : मांसाहारी लोगों को भगवान का प्रसाद देना चाहिए या नहीं? जानिए क्या कहा प्रेमानंद जी महाराज ने

Published on:
02 Nov 2025 01:02 pm
Also Read
View All

अगली खबर