
Desk Job Wrist Pain Yoga: आज के डिजिटल युग में, पढ़ाई या ऑफिस के काम के चलते घंटों लैपटॉप या कंप्यूटर पर लगातार टाइपिंग करने के कारण उंगलियों, कलाई और बाजुओं में अकड़न या झनझनाहट जैसी असहजता महसूस हो सकती है। ऐसे में हल्की स्ट्रेचिंग या योग करना फायदेमंद हो सकता है। आइए, योग गुरु हिमालयन सिद्धा अक्षर से जानते हैं कि इस समस्या से राहत पाने के लिए कौन से योगाभ्यास करने चाहिए।
करने की विधि
सीधे बैठें और शरीर को आरामदायक स्थिति में रखें। तर्जनी (इंडेक्स फिंगर) की नोक को अंगूठे की नोक से मिलाएं। बाकी तीनों उंगलियों को सीधा रखें। दोनों हाथों को घुटनों पर रखें और सामान्य रूप से कुछ मिनट तक सांस लेते रहें।
फायदे
ज्ञान मुद्रा मन को शांत करने और एकाग्रता बढ़ाने में मदद करती है। इस मुद्रा में उंगलियों और हाथों की मांसपेशियां भी आराम महसूस करती हैं और शरीर के प्रति सजगता बढ़ती है।
क्या करें और क्या न करें
• कंधों और बाजुओं को ढीला रखें।
• उंगलियों को बहुत ज्यादा दबाकर न जोड़ें।
• सामान्य और शांत सांस लेते रहें।
करने की विधि
आराम से बैठें या खड़े हो जाएं। एक हाथ को ऊपर उठाकर कोहनी मोड़ें और हथेली को पीठ की ओर ले जाएं। दूसरे हाथ को पीछे से ऊपर लाकर दोनों हाथों की उंगलियां मिलाने की कोशिश करें।
फायदे
यह स्ट्रेच कंधों, बाजुओं और कलाई की लचक बढ़ाता है। लंबे समय तक डेस्क पर काम करने से शरीर के ऊपरी हिस्से में जो तनाव जमा हो जाता है, उसे कम करने में मदद करता है और पोश्चर को बेहतर बनाता है।
क्या करें और क्या न करें
• धीरे-धीरे अभ्यास करें।
• हाथों को जबरदस्ती मिलाने की कोशिश न करें।
• दोनों तरफ समान रूप से अभ्यास करें।
करने की विधि
पैरों को साथ में रखकर खड़े हो जाएं। दोनों हाथों को सिर के ऊपर उठाएं और हथेलियों को जोड़ लें। गहरी सांस लेते हुए पूरे शरीर को ऊपर की ओर खींचें।
फायदे
यह आसन उंगलियों, कलाई, बाजुओं, कंधों और रीढ़ को अच्छा खिंचाव देता है। इससे रक्त संचार बेहतर होता है और लंबे समय तक टाइपिंग या बैठने से होने वाली अकड़न कम होती है।
क्या करें और क्या न करें
• शरीर को धीरे-धीरे स्ट्रेच करें।
• कंधों को कानों की ओर न चढ़ाएं।
• सांसों को सहज और धीमा रखें।
करने की विधि
दोनों हाथों को सामने सीधा फैलाएं। कलाई को धीरे-धीरे पहले घड़ी की दिशा में और फिर विपरीत दिशा में घुमाएं। बीच-बीच में उंगलियों को खोलें और बंद करें।
फायदे
यह सरल अभ्यास कलाई की गतिशीलता बढ़ाता है, रक्त संचार को बेहतर करता है और हाथों व बाजुओं में जमा तनाव को कम करता है। काम के दौरान छोटे-छोटे ब्रेक में इसे आसानी से किया जा सकता है।
क्या करें और क्या न करें
• कलाई को आरामदायक गति से घुमाएं।
• तेज या झटकेदार मूवमेंट से बचें।
करने की विधि
आराम से बैठें या खड़े हो जाएं। दोनों हाथों को सामने लाएं और एक हाथ को दूसरे के ऊपर क्रॉस करें। फिर कोहनियों को मोड़ते हुए हथेलियों को आमने-सामने लाने का प्रयास करें। कोहनियों को हल्का ऊपर उठाकर कुछ देर स्थिति बनाए रखें।
फायदे
यह स्ट्रेच कंधों, ऊपरी पीठ, बाजुओं और कलाई में जमा तनाव को कम करता है। साथ ही शरीर के ऊपरी हिस्से की लचक बढ़ाने और लंबे समय तक डेस्क पर काम करने के बाद शरीर की सही स्थिति बनाए रखने में मदद करता है।
क्या करें और क्या न करें
• शरीर को रिलैक्स रखें और सामान्य रूप से सांस लें।
• किसी भी स्थिति में दर्द होने पर जबरदस्ती स्ट्रेच न करें।