उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सरकार इलेक्टोरल बॉन्ड्स की 19वीं खेप को लाने की मंजूरी दे दी है। अपनी पसंदीदा राजनीतिक पार्टियों को चंदा देने की खरीदारी एक जनवरी से शुरू हो रही है।
लखनऊ. उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सरकार इलेक्टोरल बॉन्ड्स की 19वीं खेप को लाने की मंजूरी दे दी है। अपनी पसंदीदा राजनीतिक पार्टियों को चंदा देने की खरीदारी एक जनवरी से शुरू हो रही है। ये बॉन्ड्स बिक्री के लिए 10 जनवरी तक उपलब्ध रहेंगी। बता दें कि राजनीतिक पार्टियों को चंदे में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड्स को कैश डोनेशन के विकल्प के रूप में लाया गया था। जनवरी में उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में चुनावों के बारे में ऐलान हो सकता है।
29 शाखाओं के जरिये होगी बिक्री
इन बॉन्ड्स की बिक्री के लिए देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई को अधिकृत किया गया है। 19वें चरण के इलेक्टोरल बॉन्ड्स की बिक्री देशभर में बैंक के 29 शाखाओं के जरिये होगी। ये 29 शाखाएं लखनऊ के अलावा शिमला, देहरादून, कोलकाता, गुवाहाटी, चेन्नई, तिरुवनंतपुरम, पटना, नई दिल्ली, चंडीगढ़, श्रीनगर, गांधीनगर, भोपाल, रायपुर और मुंबई जैसे शहरों में स्थित हैं।
क्या होता है चुनावी बॉन्ड
चुनावी बॉन्ड एक ऐसा बॉन्ड होता है, जिसके ऊपर एक करेंसी नोट की तरह उसका मूल्य लिखा होता है। यह बॉन्ड राजनीतिक दलों को चंदा देने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। चुनावी बॉन्ड के जरिये सिर्फ रजिस्टर्ड राजनीतिक दलों को ही दान दिया जा सकता है। इलेक्ट्रोरल बॉन्ड्स के लिए खरीदने वाले का केवाीसी जरूर होता है।