
गृहमंत्री अमित शाह (फाइल फोटो)
home minister amit shah in Aligarh : अलीगढ़ में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की रैली के दौरान जबरदस्त भीड़ उमड़ी। अमित शाह के देरी से पहुंचने के बाद भी लोग उन्हें सुनने के लिए डंटे रहे। जैसे ही लोगों को अमित शाह का हेलीकाप्टर नजर आया तो उनके उत्साह का ठिकाना नहीं रहा। इसके बाद सीधे अमित शाह मंच पर पहुंचे। जहां भाजपा नेताओं के साथ जनता ने भी उनका जोरदार स्वागत किया। जनता से भारत माता की जय के नारे लगाते हुए अमित शाह ने अपना भाषण शुरू किया। उन्होंने सबसे पहले देरी से पहुंचने के लिए रैली में आए सभी लोगों से क्षमा मांगी। उन्होंने कहा कि अब यहां लोगों की जमीन कोई नहीं छीन सकता। अब यहां कोई बाहुबली नहीं, अब केवल बजरंग बली दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि यहां रैली में आई भीड़ बता रही है कि भाजपा की 300 सीट आएंगी।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर की राजनीति का अलीगढ़ केंद्र रहा है। यह भूमि हरिदास और नीरज जी की है। बाबूजी कल्याण सिंह की है। बाबूजी ही थे, जिन्होंने सबसे पहले यह सिखाया कि सुशासन क्या होता है? बाबूजी ने राम मंदिर के लिए अपनी कुर्सी तक का त्याग कर दिया था। राम मंदिर के लिए यात्रा निकाली गई तो सपा सरकार ने गोलियां चलवाईं। अब पीएम मोदी मंदिर बनवा रहे हैं। राम मंदिर गगनचुंबी होगा। वहीं उन्होंने विपक्षियों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले प्रदेश में जातिवाद व परिवारवाद का राज था। बुआ-बबुआ उत्तर प्रदेश का भला नहीं कर सकते हैं। क्या ये दो साल तक मुफ्त राशन, सम्मान निधि दे पाएंगे, गरीबों के घर बनवा पाएंगे? यह भी पीएम मोदी और सीएम योगी ने करके दिखाया है।
भीड़ देख गदगद हुए शाह बोले- 300 सीट आएंगी
उन्होंने कहा कि मैं जहां-जहां भी गया वहां इसी तरह जनसैलाब देखने को मिला है। लोगों की ये भीड़ बताती है कि इस बार भाजपा की 300 सीट आएंगी। उन्होंने तंज कसा कि सपा तीन पी चलती थी तो भाजपा की तीन वी चलती हैं। अब यहां लोगों की जमीन नहीं छीनी जाती है, क्योंकि अब यहां कोई बाहुबली नहीं बचा है। अब तो केवल बजरंग बली ही दिखाई देते हैं।
राहुल गांधी को नहीं पता आलू जमीन में होता है: शाह
उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में बहन जी घूम रही हैं। पिछले चुनाव में राहुल जी आलू की फैक्ट्री लगाना चाहते थे, उन्हें नहीं पता कि आलू जमीन में होता है। वहीं, धारा 370 को लेकर युवाओं से पूछा कि आप ही बताओ कि धारा 370 हटनी चाहिए थी या नहीं। पहले देश में आतंकवाद के खिलाफ कोई बोलता नहीं था। मोदी आए तो पुलवामा व उर्री में हमला हुआ तो सर्जिकल स्ट्राइक से बदला लिया गया। विपक्ष को कल्याण सिंह नहीं जिन्ना याद आता है।
Published on:
30 Dec 2021 04:06 pm
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