कहीं राहत, कहीं आफत
लखनऊ. सूबे में शुक्रवार की रात आंधी-तूफान ने एक बार फिर तबाही मचाई। देर शाम आए आंधी-तूफान की वजह से समूचे उप्र में कम से कम 20 लोगों के मरने की खबर है। जबकि दर्जन भर से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हालांकि शासन ने इन मौतों की पुष्टि अभी तक नहीं की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंधी तूफान से हुई तबाही से निपटने और राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। आंधी-तूफान ने पश्चिमी उप्र के मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, मेरठ, अमरोहा और संभल जिलों में सबसे ज्यादा तांडव मचाया है। अंधड की वजह से आम की फसल को बहुत नुकसान हुआ है। लेकिन गर्मी से लोगों को राहत मिली है।
प्रमुख सचिव सूचना अवनीश अवस्थी के मुताबिक उन्नाव में बिजली गिरने से पांच लोगों की मौत हुई है। कानपुर और रायबरेली से भी दो-दो लोगों के मारे जाने की खबर है। आंधी तूफान से हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। शनिवार को मौसम में ठंडक है। आसमान में बादल छाए हैं। मौसम विभाग ने धूलभरी आंधी चलने की आशंका जताई है। प्रदेश के कई इलाकों में तापमान में कम से कम 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गयी है।
आम की 50 फीसदी फसल बर्बाद
शुक्रवार शाम आई तेज आंधी से आम की फसल को भारी नुकसान हुआ है। किसानों के मुताबिक आम की 50 प्रतिशत फसल बर्बाद हो चुकी है। शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, लखनऊ समेत अन्य इलाकों में भी आम की फसल को नुकसान हुआ है। आगरा , कासगंज, बरेली समेत कई अन्य जिलों में अंधड़ की वजह से आम के पेड़ गिरने की सूचना है। लखनऊ के मलिहाबाद के आम के बागों को भी बहुत नुकसान पहुंचा है। बागों में कच्चे आम के ढेर लगे हैं। किसान सिर पर हाथ रख कर बैठा है। कई बाग मालिकों, बाग ठेकेदारों के लिए जीविका का एकमात्र साधन आम की फसल ही होती है लेकिन इस बार करीब 50 फीसदी फसल खत्म हो गई है जिसका असर उनके परिवारों पर पडऩे वाला है।