मिशन रोजगार के तहत प्रदेश में 4571 इकाईयों ने 560 करोड़ का निवेश किया जिससे 45,166 लोगों को रोजगार मिला। यूपी के बाद गुजरात की 1437 इकाईयों ने किया 400 करोड़ का निवेष तीसरे नंबर पर मध्य प्रदेश में लगी 3362 इकाईयां
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ यूपी में मिशन रोजगार सरकारी नौकरियों से लेकर निजी क्षेत्र में भी कारगर साबित हुआ। कोरोना काल के बावजूद पिछले एक साल में देश में प्रदेश की सूक्ष्म, लघु, और मध्यम उद्यम ( एमएसएमई ) के सहयाेग से लगी इकाईयों ने प्रदेश में सबसे ज्यादा रोजगार दिया। सरकार ने इन इकाईयों को 140 करोड़ रुपए की सब्सिडी भी दी ।
सरकारी आकड़ों के अनुसार पिछले साल प्रदेश के इतिहास में सबसे ज्यादा लोन उद्योगों को दिए गए थे। इससे पहले भी पूर्व की सरकारों की तुलना में योगी सरकार ने उद्योगों को प्राथमिकता पर रखकर लोन उपलब्ध कराया था। प्रदेश सरकार के समन्वय से बैंकों ने पिछले चार साल में 55 लाख 45 हजार 147 एमएसएमई को लोन दिया था। इनमें से 3 लाख 8 हजार 331 इकाइयों के सैंपल सर्वे में 9 लाख 51 हजार 800 लोगों को रोजगार देने की पुष्टि हुई थी। इतना ही नहीं 55 लाख 45 हजार 147 इकाइयों में औसतन डेढ़ करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला।
ऐसे ही इकाईयों को अलग-अलग योजनाओं में प्रदेश की योगी सरकार ( UP CM Yogi Adityanath ) की ओर से सब्सिडी भी दी गई। प्रदेश में पिछले साल 4571 इकाईयों में 45,166 लोगों को रोजगार दिया गया। इन इकाईयों को सरकार की ओर से 140 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी गई। देश में दूसरे नंबर पर गुजरात की 1437 इकाईयों ने 32,409 लोगों को रोजगार दिया है और उन्हें सौ करोड़ रुपए सब्सिडी दी गई है। तीसरे नंबर पर मध्य प्रदेश की 3362 इकाईयों ने 30,565 लोगों को रोजगार दिया है और 88 करोड़ की सब्सिडी दी गई है।
सरकारी रिपाेर्ट करे अनुसार वित्तीय वर्ष 2016-17 में सपा सरकार के दौरान 6,35,583 एमएसएमई को लोन दिया गया था जबकि 2017 में सत्ता परिवर्तन होते ही योगी सरकार में वित्त वर्ष 2017-18 में 7,87,572 एमएसएमई को लोन दिया गया। वित्त वर्ष 2018-19 में 10,24,265 उद्यमियों और 2019-20 में 17,45,472 लोन दिए गए हैं। वित्त वर्ष 2020-21 में एक अप्रैल 2020 से 18 मार्च 2021 तक 13 लाख 52 हजार 255 उद्यमियों को लोन दिए गए हैं। इसमें नौ लाख 13 हजार 292 एमएसएमई को 32 हजार 321 करोड़ 31 लाख रुपए लोन दिए हैं। इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम ( ईसीएलजीएस ) में चार लाख 39 हजार 310 इकाइयों को 12 हजार 69 करोड़ 57 लाख रुपए का लोन दिया गया है। ऐसे में कुल 55 लाख 45 हजार 147 एमएसएमई को लोन दिया गया है।