लखनऊ

इनकी मानें तो 2018 में बन जाएगा राम मंदिर…

6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद के ढहाए जाने के 25 साल पूरे होने जा रहे हैं...
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Dec 04, 2017
6 December Babri masjid vidhvans 25th anniversary Ayodhya India news

लखनऊ. 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद के ढहाए जाने के 25 साल पूरे होने जा रहे हैं। 25 साल पूरे होने को हैं और अब तक चर्चा यही हो रही है कि अयोध्या मुद्दे को सुलझाने के क्या तरीके हो सकते हैं। राम मंदिर निर्माण और बाबरी मस्जिद को लेकर हो रही सियासत ने उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश की राजनीति को 25 सालों से गर्म कर रखा है। बीजेपी इस मुद्दे को हवा देने में लगी है तो बाकी विपक्षी पार्टियां भी इस पर राजनीति करने से पीछे नहीं हटना चाहतीं। उत्तर प्रदेश में बंपर जीत और पूर्ण बहुमत की सरकार बनने के बाद बीजेपी नेताओं ने भी राम मंदिर निर्माण को लेकर बहस तेज कर दी है और दिग्गज नेता समझौते के लिए दूसरे पक्ष से अपील कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ आरएसएस, विहिप समेत तमाम संगठन के नेताओं ने भी राम मंदिर को लेकर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। आइये आपको बताते हैं नेताओं के उन बयानों के बारे में जिन्होंने शुरुआत से लेकर अब तक विवाद को गर्म कर रखा है...


राम मंदिर में होगी अगली दिवाली

बाबरी मस्जिद विध्वंस की 25वीं बरसी से कुछ दिन पहले ही एक बार फिर बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने कहा कि अयोध्या में जल्द ही राम मंदिर का निर्माण शुरू होगा और यह भक्तों के लिए अगली दिवाली तक खुल जाएगा। स्वामी ने कहा कि सब कुछ तैयार है और निर्माण कार्य के लिए सारा सामान पहले ही बना लिया गया है। इनको सिर्फ आपस में स्वामी नारायण मंदिर की तरह जोड़ने की जरूरत है। हम आनेवाली दिवाली राम मंदिर में मनाएंगे।


हिंदू समाज जीतेगा युद्ध

अयोध्या में शौर्य दिवस के कार्यक्रम के दौरान विहिप के प्रदेश संगठन मंत्री अंबरीश सिंह ने कहा कि भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण अवश्य होगा। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा युद्ध है जिसका विजेता हिंदू समाज होगा। शौर्य, स्वाभिमान और सम्मान का दिवस है 6 दिसंबर।


राम मंदिर की सारी बाधाएं दूर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक इन्द्रेश कुमार ने भी अभी हालही में राम मंदिर पर बयान देकर सियासत गर्म कर दी। गोमती तट पर सनातन महासभा द्वारा आयोजित 37वीं आदि गंगा मां गोमती महाआरती कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अब श्रीराम मंदिर के भव्य निर्माण की सारी बाधाएं दूर हो चुकी हैं और सभी धर्मों के लोग अयोध्या में श्री रामलला के मंदिर के लिए साझा कार्यक्रम बना चुके हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म पूरी पृथ्वी को अपना कुटुंब मानता है और सबके सुख की कामना करता है। उन्होंने कहा कि हम सबको मिलकर सनातन धर्म और संस्कृति का विस्तार करना है।


अयोध्या में मंदिर ही बनेगा

अभी हालही में कर्नाटक के उडुपी में चल रही धर्म संसद में राम मंदिर को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने बयान दिया कि अयोध्या में सिर्फ राम मंदिर ही बनेगा। मोहन भागवत ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण पर किसी को दुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमलोग राम मंदिर बनाएंगे। यह हमारी आस्था का विषय है और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि सालों की कोशिश और त्याग के बाद अब राम मंदिर का निर्माण सच होता प्रतीत हो रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला अभी अदालत में है।


सुप्रीम कोर्ट में मामला

संघ प्रमुख के राम मंदिर पर बयान के बाद मुस्लिम पक्षकारों ने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है और उसमें आरएसएस पक्षकार भी नहीं है। बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी महबूब ने कहा कि मोहन भागवत होते कौन हैं ये बताने वाले कि अयोध्या में क्या होगा। वे क्या हैं, उनका इस मामले से क्या मतलब है। हाजी महबूब ने कहा कि मोहन भागवत के कहने से न तो मंदिर बन जाएगा और न ही मस्जिद। वहीं बाबरी मस्जिद के मुद्दई स्व. हाशिम अंसारी के बेटे इकबाल अंसारी ने भी दरकिनार कर दिया है। इकबाल अंसारी ने कहा कि मोहन भागवत के बयान से कोई लेना-देना नहीं है। आरएसएस इस मामले में पार्टी भी नहीं है, इसलिए उनके बयान का कोई मतलब नहीं है।

कभी भी शुरू हो सकता है मंदिर निर्माण

अयोध्या के संत महंत नृत्य गोपालदास महराज के उत्तराधिकारी कमलनयन दास ने भी राम मंदिर को लेकर कहा था कि राम मंदिर निर्माण का कार्य कभी भी शुरू हो सकता है और तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं।

अब नहीं चलेगी बहानेबाजी

भाजपा के पूर्व सांसद और श्रीराम जन्मभूमि के उपाध्यक्ष राम विलास वेदांती भी राम मंदिर को लेकर समय-समय पर बयान देते रहते हैं। वेदांती ने अभी हालही में एख कार्यक्रम के दौरान कहा कि संत समाज ने राम मंदिर के निर्माण की तारीख तयकर 364वें दिन पर मुहर लगा दी है। जिसे दुनिया की कोई ताकत रोक नहीं सकती। मंदिर के लिए अगर फांसी पर लटकना पड़े तो पीछे नहीं हटेंगे, हसंते-हंसते रामलला के लिए मर जाएंगे। वेदांती ने कहा केंद्र और प्रदेश में अब भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार है इसलिए मंदिर निर्माण को लेकर कोई बहाने बाजी नहीं चलेगी। हर हाल में 2018 में मंदिर निर्माण कराना ही होगा।

प्रिंस याकूब ने दिया नया मोड़

अभी हालही में हैदराबाद से आए मुगल साम्राज्य के आखिरी शहंशाह बहादुर शाह जफर के वंशज प्रिंस याकूब हबीबुद्दीन तूसी ने अयोध्या में राम मंदिर मामले को नया मोड़ दे दिया था। बाबरी मस्जिद को अपनी संपत्ति बताते हुए प्रिंस याकूब तूसी ने कहा कि हिंदूू-मुस्लिम भाइयों की आस्था को ध्यान में रखकर कोई बीच का रास्ता निकालने का प्रयास किया जाएगा। प्रिंस तूसी ने कहा था कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड का बाबरी मस्जिद से कोई लेना देना नहीं है। दोनों ने इस मसले को उलझा कर रखा है। प्यार और मुहब्बत के साथ अयोध्या मामले का हल निकाला जाना चाहिए।

Published on:
04 Dec 2017 02:23 pm
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