
सपा नेता एसटी हसन। फोटो-IANS
UP Politics: समाजवादी पार्टी की कोर कमेटी की बैठक और राज्यसभा चुनाव को लेकर पार्टी नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। सपा नेता एसटी हसन और रविदास मेहरोत्रा ने तीसरे राज्यसभा प्रत्याशी के चयन से लेकर NRC और आपातकाल तक कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। सपा की ओर से प्रो. राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया जा चुका है, जबकि तीसरे प्रत्याशी के नाम पर अभी सस्पेंस बना हुआ है।
सपा नेता एसटी हसन ने तीसरे राज्यसभा उम्मीदवार के सवाल पर कहा कि इस संबंध में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जो फैसला लेंगे, वही मान्य होगा। उन्होंने कहा कि वह इस बारे में फिलहाल कुछ नहीं कह सकते। तीसरे प्रत्याशी को लेकर सपा नेतृत्व की ओर से अभी अंतिम घोषणा नहीं की गई है। अखिलेश यादव ने भी कहा है कि तीसरे उम्मीदवार के नाम का ऐलान जल्द किया जाएगा।
स्वतंत्रता सेनानी और आपातकाल से जुड़े सवाल पर एसटी हसन ने कहा कि जो लोग जेल गए थे, पार्टी उन सभी का सम्मान करती है। उन्होंने आपातकाल को देश के लिए नासूर बताया। सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने भी आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 1975 में देश में आपातकाल लगाया गया था और उस दौरान लोगों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए थे।
रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों को लोकतंत्र सेनानी माना गया। उन्होंने बताया कि सपा कार्यालय में लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने भाजपा सरकार पर संविधान और लोकतंत्र को लेकर भी आरोप लगाए और कहा कि सपा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।
NRC के सवाल पर एसटी हसन ने कहा कि समाजवादी पार्टी NRC के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि NRCके जरिए वही स्थिति पैदा हो सकती है, जिसका उदाहरण SIR में देखने को मिला है। एसटी हसन ने NRC को देश के लिए 'बहुत खतरनाक' बताया। यह उनकी राजनीतिक पार्टी की नीति और उनके द्वारा व्यक्त किया गया दृष्टिकोण है।
मुसलमानों को लेकर योग गुरु बाबा रामदेव के बयान पर एसटी हसन ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि इस तरह के बयान बार-बार क्यों दिए जाते हैं। उन्होंने ऐसे बयानों को लेकर अपनी असहमति जाहिर की।
रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के लिए सपा के तीसरे प्रत्याशी के नाम की घोषणा अभी बाकी है। उन्होंने कहा कि पार्टी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज को हक, अधिकार, न्याय और सम्मान दिलाने के लिए लगातार संघर्ष कर रही है। उन्होंने विधान परिषद में मुस्लिम नेता को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने का भी उल्लेख किया और इसे पार्टी की सामाजिक प्रतिनिधित्व की नीति से जोड़ा।
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है। सपा ने दो उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं, जबकि तीसरे उम्मीदवार को लेकर पार्टी नेतृत्व की ओर से अभी अंतिम घोषणा बाकी है। ऐसे में तीसरे प्रत्याशी के नाम और उसके पीछे की रणनीति पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।
Updated on:
01 Oct 2026 05:30 pm
Published on:
01 Oct 2026 05:23 pm
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