लखनऊ

यूपी के 65 प्रतिशत जेलों में नहीं है जैमर, 30 प्रतिशत में काम नहीं करते सीसीटीवी कैमरे

उत्तर प्रदेश में कई ऐसे जेल हैं, जहां पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। अगर कैमरे लगे भी हैं, तो वे काम नहीं करते

2 min read
Jul 20, 2018
hfh

लखनऊ. बागपत जेल में डॉन मुन्ना बजरंगी को गोलियों से भूनकर उनकी हत्या की गयी। जेल में कैद और पुलिस की निगरानी में होने के बावजूद इतनी आसानी से किसी की हत्या कर देना वहां की लापरवाही को दर्शाता है। बात अगर सुरक्षा की करें, तो उत्तर प्रदेश में कई ऐसे जेल हैं, जहां पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। अगर कैमरे लगे भी हैं, तो वे काम नहीं करते। उत्तर प्रदेश के 65% जेलों में जैमर नहीं लगा है। इस बात का खुलासा जेल सुधार समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में हुआ है।

43 जेलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का निर्णय

ये भी पढ़ें

यूपी के इन जिलों में बंद हो जाएंगी मीट व शराब की दुकानें

उत्तर प्रदेश जेल प्रशासन ने जेलों से कैदियों के फरार होने और जेलों में उपद्रव जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाने का ऐलान किया था। इसके लिए सरकार ने 43 जेलों में सीसीटीवी कैमरा लगाने का निर्णय लिया ताकी इसके जरिये कौन क्या कर रहा है, कौन कैदियों से मिलने आ रहा है और कौन भागने की कोशिश कर रहा है जैसी हरकतों पर नजर रखी जा सके। लेकिन बावजूद इसके जेलों में कैदियों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती जा रही है।

महज मूर्ति बनकर रह गए हैं सीसीटीवी कैमरे

एक आंकड़े के मुताबिक उत्तर प्रदेश के 70 जेलों में 30% जेलों में सीसीटीवी कैमरे लगे तो हैं लेकिन वे ठीक से काम नहीं करते। वे सिर्फ मूर्ति बनकर वहीं लगे पड़े हैं। इसके अलावा कई जेलों में ऐसा हाल भी है कि कड़ी निगरानी होने के बावजूद कैदी चोरी छिपे मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हैं। इस मामले में एडीजी चंद्र प्रकाश ने कहा कि यूपी के 30% जेल में सीसीटीवी कैमरे काम हीं नहीं करते।

जैमर की व्यवस्था बेहद जरूरी

बात अगर सुरक्षा की करें, तो इस लिहाज से हर जेल में कम से कम 30 सीसीटीवी कैमरे होने चाहिए। कई जगहों पर कैमरे लगे तो हैं लेकिन उनका फंक्शन न के बराबर है। एडीजी चंद्र प्रकाश ने कहा कि यूपी के जेलों में जैमर की व्यवस्था करनी होगी। जेल में कैदियों की सुरक्षा के लिहाज से यह अहम है। उत्तर प्रदेश जेल विभाग में एक मॉडल जेल, 5 सेंट्रल जेल, 60 जिला जेल, 1 किशोर सदन और नारी बंदी निकेतन है।

हर जेल का होगा निरीक्षण

कैदियों की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए जेल सुधार समिति लखनऊ जेल का निरीक्षण कर चुकी है। जल्द ही उन जेलों का भी निरीक्षण किया जाएगा, जहां बड़े या नामचीन अपराधी बंद हों। इनमें फतेहगढ़, बागपत, बांदा, हमीरपुर, डासना, सीतापुर, पीलीभीत, देवरिया और वाराणसी के जेल शामिल हैं। इसके अलावा जेल सुधार समिति दूसरे राज्यों का दौरा कर वहां की सुविधाओं और तरीकों की जांच करेगी। इस लिहाज से समिति के अध्यक्ष सुलखान सिंह ने बताया कि दो महीने के अंदर समिति कैदियों से मुलाकात कर उनके तौर-तरीके, जेल में लगे सीसीटीवी कैमरे और जैमर समेत कई चीजों का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करेगी।

ये भी पढ़ें

यूपी पुलिस का ये काम देख उनके प्रति बदल जाएगी आपकी सोच,देखें वीडियो
Updated on:
20 Jul 2018 02:26 pm
Published on:
20 Jul 2018 02:12 pm
Also Read
View All