
डायबिटीज और पैनक्रिएटाइटिस के बीच क्या सम्बन्ध है, इस पर डॉक्टरों के बीच चर्चा होती रही है। ये दोनों बीमारियां शरीर को कैसे प्रभावित करती हैं, और इन दोनों बीमारियों के होने से एक बीमारी दूसरे बीमारी पर कैसे असर डालती है, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है।
एक्यूट पेनक्रिएटाइटिस के बाद बढ़ता डायबिटीज का खतरा
रीजेंसी सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉ प्रवीण झा और डॉ अनुराग झाके अनुसार, पंद्रह लोग जो पहले से ही एक्यूट पैनक्रिएटाइटिस से पीड़ित हैं, उनमे डायबिटीज से ग्रसित होने की सम्भावना ज्यादा रहती है। एक्यूट पैनक्रिएटाइटिस से पीड़ित होने के बाद डायबिटीज से पीड़ित होने की समस्या तेजी से बढ़ रही है। हालांकि यह अभी साफ नहीं हो पाया है, कि डायबिटीज मेलिटस का यह का कौन सा प्रकार होता है।
डायबिटीज पर बोले डॉक्टर
डायबिटीज मेलिटस के रूप में ज्यादा जाना जा रहा है। अग्न्याशय (पैंक्रियास) एक लंबी, चपटी ग्रंथि होती है जो पेट के ऊपरी हिस्से में पेट के पीछे स्थित होती है। इसका कार्य एंजाइमों का उत्पादन करना होता है। ये एंजाइम पाचन और हार्मोन के कार्यों में मदद करते है, जो आपके शरीर को चीनी (ग्लूकोज) को processed करने के तरीके को नियंत्रित करने में मदद करते है।
सूजन खत्म ना होने से कैंसर का खतरा
जब अग्न्याशय ग्लूकोज रेगुलेशन और पाचन के लिए आवश्यक हार्मोन और एंजाइमों का उत्पादन करने में सफल नहीं होता है तो अग्न्याशय में सूजन हो जाती है। इस सूजन से मरीजों को तेज पेट दर्द होता है। अगर अग्न्याशय की यह सूजन लंबे समय तक बनी रहती है, तो इससे टाइप डायबिटीज और पैंक्रियास के कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।