
Corridor And Road Widening Scam: अयोध्या में चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण के दौरान प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाए जाने और मकानों को ध्वस्त किए जाने पर सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि सरकार की हर 'कॉरिडोर' और 'चौड़ीकरण' योजना के पीछे एक बड़ा घपला-घोटाला छिपा हुआ है, जिसकी बहुसदस्यी न्यायिक जांच होनी चाहिए।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भाजपा सरकार के बनाए हर ‘कॉरिडोर’ और ‘चौड़ीकरण’ की योजना के पीछे जो घपला-घोटाला है, उसके लिए एक बहुसदस्यी न्यायिक जाँच हो। इसमें संलिप्त न कोई ट्रस्टी बख़्शा जाए, न किसी कमेटी का कोई सदस्य और न ही कोई प्रशासनिक और विकास प्राधिकरण का अधिकारी। इतने बड़े घोटाले इन सबकी मिलीभगत से ही होते हैं। पिछले कुछ सालों में इन कामों से जो भी जुड़ा रहा है और जिन पदाधिकारियों और अधिकारियों ने मुख्य-मुख्य भूमिका निभाई है, उनकी गैरकानूनी तरीके से कमाई गयी काली संपत्ति व अकूत धन-संपदा की भी जाँच आम जनता, ईमानदार पत्रकारों व बहुदलीय जनप्रतिनिधियों की निगरानी में हो।
बता दें कि चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण अभियान को तेज करते हुए प्रशासन ने बृहस्पतिवार को ककरही बाजार क्षेत्र में सख्त बुलडोजर कार्रवाई की थी। इस दौरान मार्ग की जद में आने वाले कई मकानों को पूरी तरह से ध्वस्त करने के साथ ही रास्ते में आ रहे एक प्राचीन शिव मंदिर को भी हटा दिया गया। मंदिर हटाए जाने की यह कार्रवाई स्थानीय लोगों के बीच काफी चर्चा का विषय बनी हुई है लेकिन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रशासन ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना यह चौड़ीकरण अभियान जारी रखा।
इस पूरी कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा था कि परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण के लिए प्रभावित संपत्तियों का अधिग्रहण प्रशासन द्वारा पहले ही किया जा चुका था। संबंधित मकान मालिकों और लोगों को नियमानुसार पूरा मुआवजा भी दिया जा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक मुआवजा मिलने के बावजूद कुछ लोगों ने अपने निर्माण खुद नहीं हटाए थे जिसके चलते प्रशासन को मजबूरन बुलडोजर से इन्हें ढहाने की कार्रवाई करनी पड़ी।