लखनऊ

चाचा के शिकवे शिकायत के बीच अखिलेश ने शिवपाल के साथ पोस्ट की तस्वीर, क्या करीब आ रहे हैं चाचा-भतीजा?

अखिलेश यादव और शिवपाल यादव दोनों ही उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी जगमोहन यादव के भतीजे की शादी में पहुंचे थे। यहां शादी के कार्यक्रम के दौरान दोनों आसपास बैठे नजर आए।

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May 11, 2022
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उत्तर प्रदेश की सियासी गलियारों में में इन दिनों सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के बीच की कड़वाहट चर्चा का विषय बनी हुई है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के बाद से चाचा-भतीजे के बीच की तल्खियां इतनी बढ़ गईं कि अब दोनों को एक-दूसरे के खिलाफ बोलने पर भी गुरेज नहीं है। इन सब मतभेदों के बीच दोनों एक साथ नजर आए हैं। चाचा-भतीजे के एक फ्रेम में कैद होने के बाद इन तस्वीरों पर खूब चर्चा हो रही है। हालांकि सार्वजनिक तौर पर ये दोनों बात करते हुए नहीं दिखाई दिए, लेकिन सूत्रों के अनुसार अखिलेश ने चाचा शिवपाल के पैर छुए थे। जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है।

शादी समारोह में पहुंचे थे चाचा-भतीजे

दरअसल, अखिलेश यादव और शिवपाल यादव दोनों ही उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी जगमोहन यादव के भतीजे की शादी में पहुंचे थे। यहां शादी के कार्यक्रम के दौरान दोनों आसपास बैठे नजर आए। खबरों के मुताबिक, इस दौरान दोनों की बातचीत नहीं हुई जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों के बीच कड़वाहट अब भी बरकरार है। वहीं, एक वीडियो भी वायरल हुआ जिसमें शिवपाल और अखिलेश यादव एक साथ खड़े हैं और लोग कुछ बातें कह रहे हैं। मगर इन दोनों की आपसी बातचीत का न तो वीडियो और न ही बातचीत करते कोई तस्वीर सामने आई। लेकिन अखिलेश यादव द्वारा चाचा के साथ फोटो ट्वीट किया जाना सियासी चर्चा का विषय बना हुआ है।

शिवपाल ने अखिलेश पर लगाया था अपमानित करने का आरोप

हालांकि तस्वीर का चर्चा का विषय बना होना भी एक कारण ही है। दरअसल, हाल ही में अखिलेश यादव ने चाचा शिवपाल को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा था कि जिसका बीजेपी से संबंध है उसका समाजवादी पार्टी से कोई संबंध नहीं होगा। उधर, शिवपाल भी अपने भतीजे अखिलेश यादव पर अपमानित करने का आरोप लगा चुके हैं। शिवपाल ने कहा था कि जिन्हें उन्होंने चलना सिखाया वही उन्हें रौंदता रहा। शिवपाल यादव विधानसभा चुनाव के समय से ही खुलकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।

मुस्लिम नेता के साथ नया मोर्चा बना सकते हैं शिवपाल

गौरतलब है कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल यादव को लेकर कयास लगाए जा रहे थे कि वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं। लेकिन पिछले दिनों सीतापुर जेल में जाकर आजम खान से मुलाकात और फिर उनको लेकर जिस तरह से शिवपाल ने सहानुभूति जताई है, उससे अटकलें लगने लगी हैं कि वह दिग्गज मुस्लिम नेता के साथ मिलकर कोई नया मोर्चा बना सकते हैं, जिससे सपा के 'एमवाई' समीकरण में सेंध लग सकती है।

Updated on:
11 May 2022 12:11 pm
Published on:
11 May 2022 12:03 pm
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