Nitish Kumar Rajya Sabha Nomination : अखिलेश यादव ने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर कटाक्ष किया है। अखिलेश यादव का कहना है कि बिहार की राजनीति में यह सबसे बड़ा अपहरण है।
लखनऊ: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस सियासी घटनाक्रम को लेकर विपक्ष लगातार बीजेपी पर निशाना साध रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर तीखा हमला करते हुए इसे बिहार के इतिहास का 'आर्थिक अपहरण' करार दिया है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यह मामला देखने में राजनीतिक अपहरण लगता है, लेकिन वास्तव में यह बिहार का आर्थिक अपहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने फिरौती में पूरा बिहार मांग लिया है। अपने पोस्ट में उन्होंने 'अगला नंबर…' लिखकर एक तरह की राजनीतिक पहेली भी छोड़ी और कहा कि समझदार को इशारा काफी है।
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट के साथ एक वीडियो भी साझा किया है, जिसमें जेडीयू कार्यालय में नाराज कार्यकर्ताओं को हंगामा करते हुए दिखाया गया है। वीडियो में कार्यकर्ता पार्टी दफ्तर में तोड़फोड़ करते और खाने की प्लेटें फेंकते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये कार्यकर्ता नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले से नाराज हैं।
दरअसल, होली के दिन से ही नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाएं तेज हो गई थीं। इसके बाद गुरुवार को उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस बात की पुष्टि कर दी कि वह राज्यसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। उन्होंने लिखा कि संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा रही है कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें। इसी क्रम में उन्होंने राज्यसभा का चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।
नीतीश कुमार ने गुरुवार को राज्यसभा के लिए अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि बिहार की नई सरकार को उनका समर्थन मिलता रहेगा।
हालांकि, इस फैसले को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने बिहार में 'महाराष्ट्र मॉडल' लागू किया है और नीतीश कुमार को इतना दबाव में रखा गया कि उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा। वहीं बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने भी कहा कि बीजेपी ने पहले नीतीश कुमार को किनारे किया है और जल्द ही जेडीयू की राजनीति भी खत्म करने की कोशिश करेगी।
नीतीश कुमार के इस फैसले के बाद बिहार की राजनीति में नया समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है और अब सबकी नजर इस बात पर है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।