
Akhilesh Yadav: मानसून सत्र के चौथे दिन संसद भवन के बाहर सियासी घमासान देखने को मिला। एक तरफ विपक्षी सांसद NEET पेपर लीक मामले को लेकर सरकार पर हमला बोल रहे थे, तो दूसरी तरफ NDA सांसद राहुल गांधी के प्रदर्शन के विरोध में जुटे थे। इसी दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव BJP सांसदों के पास पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद कई भाजपा सांसदों से हाथ मिलाया और फिर आगे निकल गए। वहीं, उन्होंने कुछ समय पहले केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए थे और अब वे BJP सांसदों से हाथ मिलाकर संसद में चले गए।
मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हम उत्तर प्रदेश से हैं, हम यूपी सरकार के कामकाज को देख रहे हैं और भारत सरकार को भी देख रहे हैं। पेपर लीक की जवाबदेही किसकी है? सरकार की जवाबदेही थी। ऐसा लगता है कि उनकी काबिलियत सिर्फ खाते भरने तक ही सीमित है और हम उत्तर प्रदेश में इसे बहुत बारीकी से देख रहे हैं। जवाबदेही क्या है? खाते भरने की उनकी काबिलियत ही उनकी जवाबदेही लगती है। अखिलेश यादव ने आगे कहा कि पहले शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें, उसके बाद हम चर्चा शुरू करेंगे।
संसद भवन के बाहर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अखिलेश यादव समेत INDIA गठबंधन के कई सांसद मौजूद रहे। विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। वहीं NDA सांसदों ने 21 जुलाई को प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी के धरने का विरोध किया। दोनों पक्षों की ओर से नारेबाजी हुई और माहौल काफी गर्म हो गया।
संसद के बाहर चल रहे विरोध प्रदर्शन का असर सदन की कार्यवाही पर भी पड़ा। लोकसभा और राज्यसभा में लगातार हंगामा जारी रहा जिसके वजह से लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा में दोपहर 2 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, लेकिन हंगामा जारी रहने के बाद इसे शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। वहीं राज्यसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 3 बजे तक रोकी गई थी। दोबारा बैठक शुरू होने के बाद भी सांसदों ने नारेबाजी जारी रखी, जिसके बाद सदन की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।