Akhilesh Yadav Comment on Satua Baba : सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गणतंत्र दिवस के मौके पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सतुआ बाबा पर टिप्पणी की।
लखनऊ : सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गणतंत्र दिवस के मौके पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने योगी आदित्यनाथ पर तंज कसा और कहा कि कुछ लोग नींद से तो उठ जाते हैं, लेकिन होश में नहीं आते हैं। आंखें दिनभर बंद रहती हैं…जाग कर भी मदहोश रहते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि, सुना है कोई सतुआ और बथुआ बाबा हैं। लेकिन, मौसम तो बथुआ का है। हमें बहुत सावधान रहना है। सोचिए देश कहां से कहां आ गया और कहां जाना चाहिए था। देश संविधान पर चले और संविधान देख कर फैसले हों। उन्होंने कहा, आज तो शंकराचार्य पर भी संकट पैदा हो गया, जिन मंदिरों का संरक्षण होना चाहिए था। उन पर बुलडोजर चल रहा है।
शंकराचार्य विवाद और SIR पर अपनी प्रतिक्रिया दी। अखिलेश यादव ने कहा-जो लोग हारने लगे हैं वो एसआईआर ले आए हैं। ये एसआईआर नहीं एनआरसी करा रहे हैं। प्रधानमंत्री के मन की बात पर निशाना साधते हुए कहा कि वोट पर मन की बात कर रहा था। सरकार पूरा प्रयास कर रही है कि वोट काट दिया जाए। अगर वोट काट दिया जाएगा तो नागरिकता का सवाल खड़ा हो जाएगा। क्योंकि हर नागरिक को वोट देने का अधिकार है। ये वोट का अधिकार पहले छीन रहे हैं फिर आप कहां जाएंगे? इनसे सावधान रहना पड़ेगा।
अखिलेश यादव ने कहा, आज मंदिर तोड़े जा रहे हैं। शंकराचार्य के अस्तित्व पर सवाल हो रहा है, जिन मंदिरों को संरक्षण मिलना चाहिए था वह तोड़े जा रहा हैं। साधु-संतों की पिटाई की जा रही है। उन्होंने सतुआ बाबा पर निशाना साधते हुए कहा कि सुना है कि एक कोई सतुआ बाबा, कोई बथुआ बाबा हैं। मौसम तो बथुआ का है।
अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी होना सिर्फ जुमला साबित हो रहा है। किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था लेकिन स्थिति बद से बदतर हो गई है। अब विदेशी उत्पादों और नॉन-वेज मिल्क प्रोडक्ट्स के आने से सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराएं प्रभावित हो सकती हैं, जिससे साधु-संतों, व्रत रखने वाली माताओं-बहनों का नुकसान होगा।