लखनऊ

पश्चिमी यूपी की 100 से ज्यादा सीटों पर सपा की नजरें! जाट, गुर्जर, मुस्लिमों को पक्ष में करने के लिए अखिलेश का ‘मास्टर’ प्लान

UP Politics: पश्चिमी यूपी की 100 से ज्यादा सीटों पर सपा की नजरें हैं। जाट, गुर्जर, मुस्लिमों को पक्ष में करने के लिए अखिलेश यादव का 'मास्टर' प्लान क्या है?

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Mar 29, 2026
UP Politics: पश्चिमी यूपी की 100 से ज्यादा सीटों पर सपा की नजरें! फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज

UP Politics: समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) आगामी यूपी चुनाव 2027 (Uttar Pradesh Legislative Assembly election 2027) को ध्यान में रखते हुए अपनी चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारने की तैयारी में जुट गई है। इसी कड़ी में पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) रविवार को नोएडा के दादरी से ‘समाजवादी समानता-भाईचारा रैली’ के जरिए अपने चुनावी अभियान की शुरूआत करने जा रहे हैं।

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PDA फॉर्मूले को मजबूत करने की रणनीति

सपा की इस रैली का मुख्य उद्देश्य PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समीकरण को और मजबूत करना है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि अगर इन वर्गों को एक मंच पर लाया जाता है, तो 2027 के चुनाव में मजबूत चुनौती दी जा सकती है। इसी रणनीति के तहत पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 100 से ज्यादा सीटों पर खास फोकस कर रही है। इसके लिए जाट, गुर्जर, मुस्लिम और दलित मतदाताओं को एक साथ लाने की कोशिश की जा रही है, ताकि सामाजिक गठजोड़ को मजबूत किया जा सके।

दादरी को चुनने के पीछे की वजह

समाजवादी पार्टी ने रैली के लिए दादरी को रणनीतिक रूप से चुना है। यह इलाका सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जाता है। यहां गुर्जर, जाट, मुस्लिम और OBC मतदाता बड़ी संख्या में हैं और चुनावी नतीजों पर इनका सीधा प्रभाव पड़ता है। राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों (Muzaffarnagar riots) के बाद सपा की स्थिति कमजोर हो गई थी। अब पार्टी एक बार फिर पुराने सामाजिक समीकरणों को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रही है।

BJP और रालोद की चुनौती

पिछले कुछ चुनावों में प्रदेश में BJP की मजबूत पकड़ रही है। वहीं रालोद भी इस क्षेत्र में प्रभावशाली रही है और वर्तमान में BJP के साथ गठबंधन में है। लंबे समय तक इस क्षेत्र में रालोद की राजनीति जाट, गुर्जर और मुस्लिम समुदाय के सामाजिक गठजोड़ के इर्द-गिर्द घूमती रही है। ऐसे में सपा की कोशिश इस समीकरण में अपनी जगह बनाते हुए रालोद के प्रभाव को कम करने की है।

PM मोदी और CM योगी के बयानों का देंगे जवाब

बताया जा रहा है कि रैली के दौरान अखिलेश यादव PDA की मजबूती पर जोर देंगे। साथ ही हाल ही में एयरपोर्ट उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) द्वारा किए गए राजनीतिक हमलों का भी जवाब दे सकते हैं।

भीड़ से मिलेगी रणनीति की सफलता का संकेत

इस रैली का एक बड़ा लक्ष्य मुस्लिम और यादव मतदाताओं को फिर से मजबूती से जोड़ना है। इसके साथ ही जाट, गुर्जर और अन्य पिछड़ी जातियों में भी अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, दादरी में रैली में जुटने वाली भीड़ से यह संकेत मिलेगा कि समाजवादी पार्टी की नई रणनीति कितनी कारगर साबित हो सकती है और 2027 के विधानसभा चुनाव में उसका असर कितना दिखेगा।

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