शिवपाल सिंह यादव की हर गतिविधि पर समाजवादी पार्टी की पैनी नजर है और पल-पल की खबर अखिलेश यादव तक पहुंचाई जा रही है...
लखनऊ. प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के गठन के बाद से शिवपाल एक्टिव मोड में हैं। प्रसपा लोहिया प्रमुख सपा को नुकसान पहुंचाने की हर कोशिश में लगे हैं। इसके लिए वह असंतुष्ट सपाइयों को पार्टी में शामिल कर रहे हैं, वहीं मुलायम सिंह के साथ होने का दावा कर वह पुराने सपाइयों पर भी डोरे डाल रहे हैं। कानून-व्यवस्था, बेरोगारी और महंगाई जैसे बड़े मुद्दों पर बीजेपी को घेरने में जुटे अखिलेश यादव चाचा शिवपाल यादव की रणनीति से बेखबर नहीं हैं। शिवपाल सिंह यादव की हर गतिविधि पर समाजवादी पार्टी की पैनी नजर है और पल-पल की खबर अखिलेश यादव तक पहुंचाई जा रही है।
अखिलेश यादव को अहसास है कि लोकसभा चुनाव में शिवपाल की पार्टी सबसे ज्यादा नुकसान सपा का ही करेगी। इसलिये सपा के विश्वसनीय नेताओं को शिवपाल पर निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रसपा लोहिया की गतिविधइयों पर सपाइयों द्वारा नजर रखी जा रही है। शिवपाल यादव के कौन-कौन मिल रहा है? कौन समाजवादी पार्टी के नेता उनके साथ हैं और कौन जा सकते हैं? इसका पूरा ब्योरा जुटाया जा रहा है। खासकर यादव बहुल जिलों में शिवपाल और प्रसपा लोहिया की गतिविधियों पर बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। पल-पल की अपडेट समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम तक पहुंचाई जा रही है। इस फीडबैक के आधार पर ही 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले शिवपाल 'इफेक्ट' को बेअसर करने पुख्ता रणनीति बनाई जाएगी।
2019 की फील्डिंग सजाने में जुटे शिवपाल
परिवार की रार के बीच शिवपाल समर्थकों ने अपनी अलग तैयारी शुरू कर दी थी। सेक्युलर मोर्चे की घोषणा के बाद शिवपाल भी खासे सक्रिय हो गये हैं। लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं। यही कारण है कि वह अब तक सूबे 60 से अधिक जिलों में मजबूत संगठन खड़ा कर चुके हैं। इतना ही नहीं लोकसभा चुनाव के लिए उन्होंने छोटे-छोटे 40 दलों से गठबंधन भी किया है। उनके कार्यालय में पुराने सपाइयों की भीड़ जमा होने लगी है। आगामी 9 दिसम्बर को शिवपाल यादव लखनऊ के रमाबाई अम्बेडकर मैदान में विशाल रैली करेंगे। पार्टी बनाने के बाद यह उनका पहला शक्ति प्रदर्शन होगा।
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