चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मिजोरम और तेलंगाना सहित चार राज्यों का चुनावी शेड्यूल घोषित कर दिया है...
लखनऊ. चुनावी समीकरणों के बीच 'अच्छे लड़कों' की दोस्ती टूटती दिख रही है। बसपा प्रमुख मायावती के बाद अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कांग्रेस को जोर का झटका दिया है। शनिवार को लखनऊ में अखिलेश यादव ने साफ कर दिया कि वह भी मायावती की तरह वह भी कांग्रेस पार्टी से गठबंधन नहीं करेंगे। मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी अकेले या फिर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी संग मिलकर चुनाव लड़ेगी। अखिलेश ने साफ कर दिया कि अब समाजवादी पार्टी किसी भी राज्य में कांग्रेस से गठबंधन नहीं करेगी। चुनाव आयोग की घोषणा के मुताबिक, मध्य प्रदेश और मिजोरम में 28 नवंबर को एक ही चरण में मतदान होगा। राजस्थान में 7 दिसंबर को वोटिंग होगी। छत्तीसगढ़ में 12 और 20 नवंबर को होगी वोटिंग। तेलंगाना में 12 अक्टूबर के बाद चुनावी तारीखों का ऐलान होगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने काफी इंतजार कराया है। इसलिये अब राज्य में पार्टी गोंडवानी पार्टी संग मिलकर या फिर अकेले चुनाव लड़ेगी। आपको बता दें कि इससे पहले मायावती ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को जोर झटका देते हुए कांग्रेस के प्रतिद्वंदी अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस (छत्तीसगढ़-जे) संग मिलकर चुनाव लड़ेंगी।
अखिलेश यादव ने कहा कि अभी तक हम इंतजार करते रहे, लेकिन कांग्रेस ने गठबंधन पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया। इसलिये हम और इंतजार नहीं कर सकते। मध्य प्रदेश में समाजवादी पार्टी या तो गोंडवाना गणतंत्र पार्टी संग मिलकर चुनाव लड़ेगी या फिर अकेले चुनाव लड़ेगी, लेकिन राज्य में कांग्रेस पार्टी से गठबंधन नहीं होगा।
किसी भी राज्य में कांग्रेस से नहीं करेंगे गठबंधन
अखिलेश ने कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने को है, लेकिन कांग्रेस गठबंधन पर रुचि नहीं दिखा रही है। इस कारण समाजवादी पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी। इस दौरान अखिलेश यादव ने नाराजगी जताते हुए साफ कर दिया कि मध्य प्रदेश ही नहीं, दूसरे भी राज्यों में समाजवादी पार्टी कांग्रेस से गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दिल बड़ा करना चाहिये था, लेकिन अब देर हो गई। बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं।
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अखिलेश के फैसले का लोकसभा चुनाव पर भी पड़ेगा असर
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अखिलेश यादव के इस फैसले का असर उत्तर प्रदेश के संभावित महागठबंधन पर भी पड़ सकता है। बसपा सुप्रीमो मायावती पहले ही यूपी में कांग्रेस को गठबंधन का हिस्सा बनाने की पक्षधर नहीं हैं, अब अखिलेश का फैसला कांग्रेस की सिरदर्दी बढ़ाएगा। यूपी में सपा-बसपा गठबंधन की अटकलें तेज हैं, लेकिन कांग्रेस के हिस्सा बनने पर संशय बरकरार है।