समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्य्क्ष ने सरकार पर निशाना साधा है।
लखनऊ. यूपी में कानून व्यवस्था ध्वस्त है और जब पीेएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में ही लूटपाट जैसी वारदातें हो रही हों, तो बाकी जगहों के बारे में क्या ही उम्मीद करें। शुक्रवार को वाराणसी में हुए अपराध को लेकर केंद्र की मोदी सरकार और योगी सरकार पर हमला बोलना शुरू कर दिया गया है। वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्य्क्ष ने भी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया ट्विटर पर एक फोटो ट्वीट कर केंद्र और राज्य की सरकार पर तंज कसा वहीं यूपी पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।
क्या था मामला-
दरअसल सोनभद्र से आई एक महिला से मंगलवार की शाम बाइक सवार दो बदमाशों ने लक्सा में सरेराह तमंचा सटा कर चेन लूटने की कोशिश की। महिला ने हिम्मत और बदमाशों से भिड़ गई, लेकिन उनमें से एक तमंचा लहराने लगा। छीनाझपटी में महिला की सोने की चेन का आधा हिस्सा ही बदमाशों के हाथ लग पाया, इसके बाद भी वे दोनों वहां से भागे नहीं, बल्कि तमंचा लहराते हुए खड़े रहे। बदमाशों की इस दबंगई से साफ पता चल रहा था कि इनमें यूपी पुलिस का कोई खौफ नहीं है। उनकी कार्यशैली पर तो गंभीर सवाल उठे ही, जिला पुलिस पर आईजी रेंज, एडीजी जोन और डीजीपी कार्यालय ने खासी नाराजगी भी जताई है।
अखिलेश ने दिया बयान-
समावजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया ट्विटर के जरिए प्रदेश व केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने हादसे की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा, "एक तरफ दावा है कि प्रदेश के बदमाश एनकाउंटरवाली सरकार से आतंकित हैं, तो दूसरी तरफ देश के ‘प्रधान संसदीय क्षेत्र’ में सरेआम हुई लूट पर पुलिस के उच्चाधिकारी अपने विभाग पर ही सवाल उठा रहे हैं। शासन-प्रशासन लगा रहा एक-दूजे पर दोष, हैं दिल्लीवाले चुप्पी साधे और लखनऊवाले हैं खामोश।"