
Akhilesh Yadav Latest News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कानून व्यवस्था, सुरक्षा मानकों और धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी जांच के लिए बनी SIT पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने इसको नया नाम तक दे डाला है। इसके साथ ही उन्होंने लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड को लेकर भी सरकार को घेरा है।
अयोध्या राम मंदिर में दान और चढ़ावे की चोरी के मामले में चल रही SIT की जांच पर सवाल उठाते हुए सपा प्रमुख ने तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि आजकल जो जांच कमेटियां बन रही हैं, उनके काम पर भरोसा करना मुश्किल है। SIT का असली मतलब अब 'शेयर इन थेफ्ट' या 'सेंध इन ट्रस्ट' है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भगवान के घर में ऐसा होना महापाप है और यह लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने यह भी डर जताया कि जो लोग इस सच को सामने लाने की कोशिश कर रहे हैं, सरकार उनके पीछे ED और CBI जैसी संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल करके दबाव बना सकती है।
हाल ही में लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड को लेकर भी अखिलेश यादव ने गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और स्थानीय प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। सपा चीफ ने कहा कि अगर समय रहते सुरक्षा के नियमों का कड़ाई से पालन करवाया गया होता, तो मासूम बच्चों की जान नहीं जाती। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान जरूरी संसाधनों और उपकरणों की भारी कमी देखी गई। उन्होंने पहले हुए लेवाना होटल हादसे की याद दिलाते हुए कहा कि सरकार पुरानी घटनाओं से कोई सबक नहीं ले रही है।
सरकार को घेरने के साथ ही अखिलेश यादव ने एक बड़ा वादा भी किया। वीरांगना महारानी दुर्गावती की जयंती के कार्यक्रम में पहुंचे अखिलेश यादव ने उनकी बहादुरी की तारीफ की। उन्होंने एलान किया कि अगर यूपी में फिर से समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो महारानी दुर्गावती के सम्मान में सोने की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने पिछड़े और आदिवासी समाज के सभी महापुरुषों को पूरा सम्मान देने का वादी भी किया।
अखिलेश यादव ने सरकार के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो सरकार पेड़ लगाने का नाटक कर रही है और दूसरी तरफ बड़े-बड़े लोगों को गलत तरीके से जमीनें बांटी जा रही हैं। यह सरकार के दोहरे चरित्र को दिखाता है।