Akhilesh Yadav ON BJP: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने BJP पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने अभ्युदय योजना को युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बताया।
Akhilesh Yadav ON BJP: समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ‘डबल इंजन सरकारों’ पर देशभर में अन्याय, भ्रष्टाचार, साम्प्रदायिकता और प्रशासनिक विफलताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर BJP को आंख मूंदकर समर्थन देने वालों में जरा-सी भी संवेदना और विवेक शेष है, तो वे मौजूदा हालात पर आत्ममंथन करें।
सपा अध्यक्ष ने उत्तराखंड से लेकर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर तक की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि BJP शासन में आम आदमी की सांसें तक सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ‘डबल इंजन सरकारों’ में कहीं बेटियों के लिए सड़कों पर न्याय की गुहार लगाई जा रही है, कहीं जहरीले सिरप और पानी से मौतें हो रही हैं, तो कहीं दलितों-अल्पसंख्यकों पर अत्याचार की सारी हदें पार की जा रही हैं।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में GST अधिकारी के घर से करोड़ों रुपए की नकदी निकलती है और सरकार ईमानदार टैक्स सिस्टम का दावा करती है। सपा प्रमुख ने कहा कि राजस्थान में किसान घातक फैक्ट्रियों के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। गुजरात-हरियाणा में जनता को अरावली को बचाने के लिए न्यायालयों का सहारा लेना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला हो रहा है।
सपा प्रमुख ने कहा कि इन सबके बीच सरकार जनता का ध्यान भटकाने में लगी है, जबकि बेरोजगारी, घटता कारोबार, जहरीला पर्यावरण और सामाजिक तनाव आम आदमी की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। उन्होंने BJP समर्थकों से साम्प्रदायिक चश्मा उतारकर अपने परिवार, भविष्य और दुनिया में भारत की बिगड़ती छवि पर विचार करने की अपील की।
इसके साथ ही उन्होंने अभ्युदय योजना में कथित फर्जीवाड़े को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि '69 में 48 फर्जी' का मामला सामने आना बताता है कि योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। यह केवल वसूली का मामला नहीं, बल्कि उन गरीब विद्यार्थियों-अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ है जो इन फर्जी नामों के भरोसे पढ़ाई कर रहे थे। उन्होंने मांग की कि घोटाले की जांच इस दृष्टिकोण से भी हो कि कहीं यह PDA समाज के बच्चों के खिलाफ सुनियोजित साजिश तो नहीं, ताकि उन्हें दोयम दर्जे की कोचिंग में उलझाकर नौकरियों से वंचित रखा जाए।