
कर्बला तालकटोरा में हजारों लोगों का विरोध प्रदर्शन (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
राजधानी लखनऊ में उस समय भावुक और उग्र माहौल देखने को मिला जब ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की खबर सामने आई। शिया समुदाय के लोगों ने गहरे शोक के साथ सड़कों पर उतरकर श्रद्धांजलि दी और अमेरिका तथा इजराइल के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। शहर के ऐतिहासिक धार्मिक स्थल कर्बला तालकटोरा में हजारों की संख्या में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
यह दृश्य किसी विदेशी देश का नहीं बल्कि तहज़ीब और गंगा-जमुनी संस्कृति के लिए मशहूर लखनऊ का था, जहां लोगों ने मातम, शोकसभा और प्रदर्शन के जरिए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
अयातुल्ला खामेनेई के निधन की खबर मिलते ही शिया बहुल इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई। इमामबाड़ों, मजलिस स्थलों और धार्मिक संस्थानों पर काले परचम लगाए जाने लगे। बड़ी संख्या में लोग काले कपड़े पहनकर सड़कों पर उतरे और सामूहिक रूप से मातम मनाया। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा-सभी की आंखें नम थीं। कई लोग रोते हुए धार्मिक नारे लगा रहे थे। लोगों का कहना था कि अयातुल्ला खामेनेई केवल ईरान के नेता नहीं बल्कि पूरी दुनिया के शिया समुदाय के लिए आध्यात्मिक मार्गदर्शक थे।
शाम होते-होते कर्बला तालकटोरा क्षेत्र में भारी भीड़ जमा हो गई। यहां आयोजित शोकसभा में धार्मिक विद्वानों ने खामेनेई के जीवन, विचारधारा और नेतृत्व पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने उन्हें इस्लामी एकता और प्रतिरोध की आवाज बताया। शोकसभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने जुलूस निकाला। इस दौरान अमेरिका और इजराइल की नीतियों के खिलाफ नारे लगाए गए। प्रदर्शन के दौरान अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पुतले जलाए गए।
शिया धार्मिक नेताओं और सामाजिक संगठनों ने अयातुल्ला खामेनेई की याद में तीन दिन के शोक की घोषणा की। इस दौरान घरों, इमामबाड़ों और धार्मिक स्थलों पर काले झंडे लगाए जाएंगे। कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों से भी स्वेच्छा से बंद रखने की अपील की गई। धार्मिक संगठनों ने बताया कि शहरभर में मजलिस, दुआएं और श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जाएंगी। लोगों से शांति और अनुशासन बनाए रखते हुए शोक कार्यक्रमों में शामिल होने की अपील की गई।
प्रदर्शन के दौरान कई भावुक दृश्य सामने आए। महिलाएं सीना पीटकर मातम करती दिखीं, जबकि युवाओं ने हाथों में बैनर और तस्वीरें लेकर श्रद्धांजलि दी। बच्चों तक ने मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। कुछ प्रदर्शनकारी रोते हुए कहते नजर आए कि खामेनेई विश्वभर के उत्पीड़ित लोगों की आवाज थे। उनके निधन को उन्होंने “बड़ी आध्यात्मिक क्षति” बताया।
भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। कई थानों की फोर्स, पीएसी और खुफिया एजेंसियों को तैनात किया गया ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम संपन्न कराने की अपील की। प्रशासन के अनुसार प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और कहीं से किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
Published on:
01 Mar 2026 11:09 pm
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