
Akhilesh Yadav Statement: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। इस दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राम मंदिर में 70 बार नहीं बल्कि 105 बार चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। जिसके बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर भाजपा पर कड़ा प्रहार किया है। अकिलेझ ने कहा कि ये बेहद निंदनीय है कि सरकारी देखरेख में ‘धर्म धन की चोरी’ का इतना अधर्मी कुकृत्य किया गया है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अयोध्या के ‘राम मंदिर’ में चढ़ावा चोरी की पहली सतही जांच में ही आंकडा 70 से 50% आगे बढ़कर 105 हो गया है। ये बेहद निंदनीय है कि सरकारी देखरेख में ‘धर्म धन की चोरी’ का इतना अधर्मी कुकृत्य किया गया है। भाजपाई और उनके संगी-साथियों की संलिप्तता पूरे अयोध्या में चर्चा का विषय है, ये घोर अधर्म अब जगजाहिर हो चुका है। जनता का भाजपा पर अब रत्ती भर भी विश्वास नहीं रह गया है। अयोध्या ही नहीं पूरे उत्तर प्रदेश, देश व दुनिया में भाजपा की थू-थू हो रही है। संपूर्ण विश्व के सनातनियों को इस बात से गहरा आघात पहुंचा है कि उन्होंने जो दान-पुण्य का पैसा धर्म के विकास के लिए दिया था उस धन को भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों ने चुराकर अपना-अपना खजाना भर लिया है।
अखिलेश यादव ने भाजपा के खिलाफ अगले चुनाव को लेकर भी टिप्पणी की। सपा प्रमुख ने कहा कि ये अपराध भी है और पाप भी, इसीलिए सबने ये संकल्प लिया है कि अब भाजपा को सदैव के लिए हराना और हटाना है। भाजपा के खिलाफ अगला चुनाव धर्म को बचाने की किसी जंग से कम नहीं होगा, इसीलिए धर्म-प्रधान लोग कह रहे हैं; अब भाजपा के विरुध्द होगा धर्म युद्ध! उन्होंने भाजपा पर जनता का भरोसा खोने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले को लेकर अयोध्या ही नहीं, पूरे उत्तर प्रदेश और देश में चर्चा हो रही है।
उच्चतम न्यायालय को सोमवार को बताया गया कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन की जांच कर रही अदालत द्वारा गठित विशेष जांच टीम (SIT) 25 सितंबर तक या उससे पहले पहली चार्जशीट कोर्ट में दाखिल करेगी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ को बताया कि इस मामले में पहली गिरफ्तारी के बाद से कानूनी तौर पर तय 90 दिन की समय-सीमा जल्द ही खत्म होने वाली है। एसआईटी ने जांच में कई तरह के डिजिटल और दस्तावेजी सबूत जुटाए हैं। अब 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले में आरोपियों की भूमिका और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की जानकारी अधिक स्पष्ट होगी।