High Court Public Holiday: मकर संक्रांति पर्व के मद्देनजर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने न्यायिक कैलेंडर में बदलाव किया है। उत्तर प्रदेश सरकार की अधिसूचना के क्रम में 15 जनवरी 2026 को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है, जबकि इसके स्थान पर 14 जनवरी को हाईकोर्ट और लखनऊ बेंच में न्यायिक कार्य होंगे।
Allahabad High Court Declares Public Holiday on Makar Sankranti : इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर न्यायिक कार्यों को लेकर महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी किया है। उत्तर प्रदेश सरकार की अधिसूचना के अनुपालन में उच्च न्यायालय प्रशासन ने 15 जनवरी 2026 (गुरुवार) को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। यह अवकाश इलाहाबाद हाईकोर्ट के साथ-साथ उसकी लखनऊ पीठ पर भी लागू होगा। इसके स्थान पर 14 जनवरी 2026 (बुधवार) को न्यायालय में नियमित रूप से कार्य किया जाएगा। यह आदेश हाईकोर्ट की Administrative (E-I) Section द्वारा जारी किया गया है और इसे न्यायालय के आदेश से प्रभावी माना जाएगा। इस संबंध में आधिकारिक सूचना 13 जनवरी 2026 को जारी की गई है।
हाईकोर्ट द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय उत्तर प्रदेश सरकार की अधिसूचना संख्या 46/teen-2026 दिनांक 12 जनवरी 2026 के क्रम में लिया गया है। सरकार द्वारा मकर संक्रांति के अवसर पर 15 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने के बाद हाईकोर्ट ने भी अपने न्यायिक कैलेंडर में आवश्यक संशोधन किया है। हालांकि, न्यायिक कार्यों में निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से 14 जनवरी 2026 को, जो सामान्यतः अवकाश के रूप में देखा जा सकता था, कार्यदिवस घोषित किया गया है।
यह आदेश केवल प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि लखनऊ बेंच पर भी समान रूप से लागू होगा। इसका अर्थ है कि दोनों स्थानों पर 15 जनवरी को न्यायालय बंद रहेगा, जबकि 14 जनवरी को नियमित रूप से न्यायिक और प्रशासनिक कार्य संपन्न होंगे। हाईकोर्ट प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस दिन सूचीबद्ध मामलों की सुनवाई यथावत होगी और अधिवक्ताओं, वादकारियों तथा न्यायालय कर्मचारियों को निर्धारित समय पर उपस्थित रहना होगा।
इस आदेश का सीधा असर अधिवक्ताओं, वादकारियों और न्यायालय से जुड़े सभी पक्षकारों पर पड़ेगा। हाईकोर्ट प्रशासन ने बार एसोसिएशनों को इस संबंध में सूचित कर दिया है ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो। विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि 14 जनवरी 2026 को सभी न्यायालय कक्षों में कार्य सुचारू रूप से चले। सूचीबद्ध मामलों की सुनवाई स्थगित न की जाए। न्यायालय कर्मी अपनी ड्यूटी पर समय से उपस्थित रहें
हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेश की प्रतिलिपि विभिन्न महत्वपूर्ण संस्थानों और अधिकारियों को भेजी गई है, ताकि यह सूचना राज्य भर में प्रभावी रूप से प्रसारित हो सके। इसमें शामिल हैं,उत्तर प्रदेश के महाधिवक्ता ,इलाहाबाद हाई कोर्ट और लखनऊ बेंच की सभी बार एसोसिएशन,जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय और वाणिज्यिक न्यायालय, लेखा महानियंत्रक, प्रयागराज, हाईकोर्ट के सभी रजिस्ट्रार और वरिष्ठ अधिकारी।
हाईकोर्ट प्रशासन ने आदेश दिया है कि यह सूचना इलाहाबाद हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की जाए। त्तर प्रदेश सरकार के राजपत्र (गजट) में प्रकाशित की जाए। समाचार बुलेटिन में प्रसारित की जाए। इससे आम जनता, अधिवक्ताओं और न्यायालय से जुड़े सभी हितधारकों तक यह जानकारी समय से पहुंच सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के स्पष्ट और समयबद्ध प्रशासनिक आदेश न्यायिक व्यवस्था में अनुशासन और पारदर्शिता को मजबूत करते हैं। अवकाश और कार्यदिवस में बदलाव की जानकारी समय रहते मिलने से वादकारियों और अधिवक्ताओं को अपनी तैयारियां करने में सुविधा होती है।
वरिष्ठ अधिवक्ता अनुराग के अनुसार, हाईकोर्ट द्वारा पहले से स्पष्ट सूचना जारी करना सराहनीय है। इससे भ्रम की स्थिति नहीं रहती और न्यायिक कार्य प्रभावित नहीं होता। यह आदेश रजिस्ट्रार जनरल मंजीत सिंह शेरोआन के हस्ताक्षर से जारी किया गया है। साथ ही सेवा संबंधी मामलों के लिए रजिस्ट्रार (न्यायिक) (सेवाएं) राजनेश कुमार द्वारा इसे प्रमाणित किया गया है।