Lucknow Airport: लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान रायबरेली निवासी यात्री की अटैची से 50 हजार रुपये नकद चोरी होने का मामला सामने आया है। पीड़ित डॉ. ओम प्रकाश अग्रवाल ने सरोजनी नगर थाने में FIR दर्ज कराई है। पुलिस CCTV फुटेज खंगालते हुए पूरे मामले की जांच कर रही है।
Amausi Airport Lucknow: राजधानी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह (अमौसी) अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करने वाली एक घटना सामने आई है। रायबरेली निवासी एक यात्री ने आरोप लगाया है कि एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच (स्क्रीनिंग) के दौरान उनकी अटैची से 50,000 रुपये नकद चोरी हो गए। मामले में सरोजनी नगर थाने में FIR दर्ज कर ली गई है और पुलिस जांच में जुट गई है।
पीड़ित की पहचान डॉ. ओम प्रकाश अग्रवाल, निवासी रायबरेली के रूप में हुई है। वे इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट 6E 5021 से लखनऊ से मुंबई जा रहे थे। इसके बाद उनकी आगे की यात्रा मुंबई से कोलंबो (श्रीलंका) के लिए निर्धारित थी। डॉ. अग्रवाल के अनुसार, उन्होंने एयरपोर्ट पर नियमित प्रक्रिया के तहत अपनी अटैची सुरक्षा जांच के लिए एक्स-रे स्क्रीनिंग मशीन में रखी। जांच पूरी होने के बाद जब उन्होंने अपना सामान वापस लिया और कुछ देर बाद चेक किया, तो उसमें रखे ₹50,000 नकद गायब थे।
पीड़ित का आरोप है कि यह चोरी सिक्योरिटी चेक-इन स्क्रीनिंग प्रक्रिया के दौरान हुई। उन्होंने अज्ञात व्यक्ति पर आरोप लगाते हुए कहा कि किसी ने उनके सामान से नकदी निकाल ली। यह घटना इसलिए गंभीर मानी जा रही है क्योंकि एयरपोर्ट सुरक्षा व्यवस्था आमतौर पर अत्यंत सख्त होती है। यात्रियों का सामान कई चरणों में जांच से गुजरता है और CCTV निगरानी भी रहती है। ऐसे में चोरी का आरोप सुरक्षा प्रबंधन पर सवाल खड़े करता है।
डॉ. अग्रवाल ने लखनऊ पहुंचकर सरोजनी नगर थाने में FIR दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एयरपोर्ट जैसे हाई-सिक्योरिटी जोन में चोरी की घटना सामने आने से यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। आम तौर पर यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे नकदी, कीमती सामान और दस्तावेज अपने हैंड बैग में सुरक्षित रखें और स्क्रीनिंग के बाद तुरंत सामान की जांच कर लें। हालांकि, इस मामले में आरोप सीधे सुरक्षा जांच प्रक्रिया के दौरान की घटना से जुड़ा है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी भी तय होगी।
डॉ. ओम प्रकाश अग्रवाल की आगे की अंतरराष्ट्रीय यात्रा भी इस घटना से प्रभावित हुई। नकदी की चोरी के कारण उन्हें मानसिक परेशानी के साथ-साथ यात्रा प्रबंधन में भी कठिनाई हुई। उनका कहना है कि एयरपोर्ट जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थान पर इस तरह की घटना की उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, एयरपोर्ट परिसर में लगे CCTV कैमरों के फुटेज की गहन जांच की जा रही है। स्क्रीनिंग क्षेत्र में गतिविधियों को खंगालकर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किस समय और किस परिस्थिति में सामान के साथ छेड़छाड़ हुई। यदि फुटेज में संदिग्ध गतिविधि सामने आती है, तो संबंधित व्यक्ति की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। FIR दर्ज होने के बाद पुलिस भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत जांच कर रही है। एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों से भी रिपोर्ट मांगी जा सकती है।