लखनऊ

राम का धाम, रोजगार का ध्यान

अयोध्या विवाद समाप्त होने के बाद अब रामनगरी भविष्य के सुनहरे सपने देख रही है

2 min read
Nov 13, 2019
हर तरफ अयोध्या के सर्वांगीण विकास की बात चल पड़ी है

महेंद्र प्रताप सिंह
अयोध्या विवाद समाप्त होने के बाद अब रामनगरी भविष्य के सुनहरे सपने देख रही है। हर तरफ अयोध्या के सर्वांगीण विकास की बात चल पड़ी है। अयोध्या और आसपास के इलाके में बड़े होटल, रिसार्ट्स, शॉपिंग मॉल्स आदि खोलने की योजनाएं बन रही हैं। अयोध्या की नगर निगम सीमा में 41 राजस्व गांवों को शामिल करने की तैयारी है। राम के जीवन से जुड़े 13 किमी के क्षेत्र में राम कॉरिडोर को विकसित किया जाना है। रामराज्य की अवधारणा पर यहां देश के हर राज्य के अपने भवन यथा-कर्नाटक भवन, राजस्थान भवन भी बनाने का प्रस्ताव है। सरयू नदी पर क्रूज चलाए जाने की भी तैयारी है। राज्य सरकार ने रामनगरी के विकास के लिए 400 करोड़ की परियोजनाएं पहले से ही स्वीकृति कर रखी हैं। देश के तमाम बड़े उद्योगपति और इन्वेस्टर भी अयोध्या में पांच सितारा होटल खोलने और रियल्टी कारोबार में उतरने की योजना बना रहे हैं। रामधाम तो भव्य बनेगा ही। सरकार का ध्यान रामधाम के साथ ही रोजगार पर भी है। क्योंकि, अयोध्यावासियों की आजीविका और इसका विकास यहां के तीर्थयात्रा बाजार पर ही निर्भर करेगी।

अयोध्या के लोग आगे बढ़ना चाहते हैं। हर कोई अब यहां आमूल-चूल बदलाव की उम्मीद पाले है। हिंसा-दंगा कोई नहीं चाहता। ऐतिहासिक फैसले के बाद बहुसंख्यक समुदाय ने जो संयम और अल्पसंख्यक समुदाय ने जिस तरह की दरियादिली दिखाई वह अपने आप में मिसाल है। अयोध्या के 13 अखाड़ों से बना संत या ऋषि समाज और यहां के धार्मिक नेता भी विकास के हिमायती हैं। लेकिन, अयोध्या का विकास और यहां की शांति अयोध्या ट्रस्ट पर निर्भर होगी। माना जा रहा है कानून और गृह मंत्रालय आंध्र के तिरुपति तिरुमला देवस्थानम की तर्ज पर एक स्वतंत्र ट्रस्ट अयोध्या के लिए भी बनाना चाहता है। तिरुपति ट्रस्ट दुनिया का सबसे धनी मंदिर ट्रस्ट है। यह कई कॉलेज और अस्पताल चलाता है। विकास के अनेक काम इसके जिम्मे हैं। जम्मू-कश्मीर के मां वैण्णो देवी ट्रस्ट या फिर गुजरात के सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के उदाहरण भी सामने हैं। जाहिर है जितना सुगठित और अनुशासित ट्रस्ट होगा उतना ही सुनियोजित और पारदर्शी तरीके से अयोध्या का विकास होगा।

यह तय है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर दुनिया का सबसे आधुनिक और भव्य मंदिर होगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहचान होगी। देश-दुनिया को सांस्कृतिक रूप से जोड़ने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसलिए अयोध्या के विकास का खाका भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का ही होना चाहिए। राम के धाम में रोजगार का ध्यान न रखा गया तो आस्था के नाम पर बार-बार भीड़ नहीं जुटायी जा सकेगी। अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पर्यटकों को भी नहीं जोड़ा जा सकेगा। इसलिए होटल, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और नगर की संरचना विश्वस्तरीय करनी होगी। भ्रष्टाचार मुक्त आधुनिक सुविधाएं जुटाना योगी सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। यदि योगी सरकार अयोध्या का अंतरराष्ट्रीय स्तर का विकास कराने में सफल रहती है तभी सुमात्रा, जावा, थाईलैंड, बाली और इंडोनेशिया की तरह अयोध्या भी धार्मिक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित हो सकेगी।

Published on:
13 Nov 2019 01:52 pm
Also Read
View All