
Anant Kumar Mishra: बसपा से निष्कासन के बाद पहली बार मीडिया के सामने आए पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनंत कुमार मिश्रा उर्फ अंटू मिश्रा ने कहा कि बसपा प्रमुख मायावती उनकी बड़ी बहन हैं और यह रिश्ता हमेशा बना रहेगा। उन्होंने कहा कि मायावती का फैसला उन्हें स्वीकार है, हालांकि उनके मुताबिक उन्होंने ऐसा कोई काम नहीं किया जो अनुशासनहीनता के दायरे में आता हो। अंटू मिश्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि अब वह पार्टी में वापसी की कोशिश नहीं करेंगे और अपने समाज तथा बसपा कार्यकर्ताओं से राय लेने के बाद आगे की राजनीतिक रणनीति तय करेंगे।
अनन्त कुमार मिश्रा ने छात्र राजनीति से अपने सफर की शुरुआत की थी। उन्होंने अपने चार दशकों के राजनीतिक अनुभव का हवाला दिया। उन्होंने भविष्य की रणनीति पर भी खुलकर बात की।अंटू मिश्रा ने साफ किया कि वे पार्टी में वापसी का कोई प्रयास नहीं करेंगे। वे पार्टी नेतृत्व के आरोपों पर कोई अनर्गल टिप्पणी भी नहीं करेंगे।अंटू मिश्रा ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि छात्र जीवन से शुरू हुई उनकी राजनीति को करीब 40 साल हो चुके हैं। उनके मुताबिक, वह पिछले 23 वर्षों से बसपा से जुड़े रहे और इस दौरान उन्होंने अपनी क्षमता से अधिक पार्टी के लिए काम किया। पार्टी के कार्यकर्ता उनके लिए देवतुल्य हैं।
हालांकि उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर संकेत दिया कि मौजूदा परिस्थितियों को समझने के लिए वह अपने समाज और बसपा से जुड़े लोगों के बीच जाएंगे और उनकी राय जानेंगे।उन्होंने कहा कि राजनीति तेजी से बदल रही है और आगे का फैसला परिस्थितियों को देखते हुए लिया जाएगा।
बसपा में अपनी सक्रियता को लेकर अंटू मिश्रा ने कहा कि पार्टी के कार्यक्रमों में कोऑर्डिनेटर्स उन्हें नहीं बुलाते थे और कई बार उन्हें कार्यक्रमों की जानकारी बाद में मिलती थी। उनका कहना था कि उनका भी सम्मान है और बिना बुलाए किसी कार्यक्रम में जाना उचित नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने दावा किया कि वह बसपा कार्यकर्ताओं की मदद करते रहे और ब्राह्मण समाज को पार्टी से जोड़ने का प्रयास करते रहे।
अंटू मिश्रा ने मायावती के साथ अपने संबंधों को राजनीतिक विवाद से अलग रखते हुए कहा कि मायावती उनकी बड़ी बहन हैं और यह रिश्ता आगे भी कायम रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह मायावती के फैसले को स्वीकार करते हैं, भले ही उनकी अपनी राय में उनके खिलाफ अनुशासनहीनता का आरोप उचित नहीं है।
बता दें कि मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा था कि उत्तर प्रदेश में बसपा सरकार के दौरान स्वास्थ्य मंत्री रहे अनंत कुमार मिश्रा उर्फ अंटू मिश्रा को पार्टी विरोधी गतिविधियों आदि के कारण तत्काल प्रभाव से निष्कासित किया गया है।
मायावती ने अपने बयान में उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव का भी संदर्भ दिया था। उन्होंने बसपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं से विरोधियों के विभिन्न राजनीतिक हथकंडों से सावधान रहने और पार्टी के अंबेडकरवादी मिशन को चुनाव में सफल बनाने के लिए काम करने की अपील की थी।