Prateek Yadav Aparna Yadav Divorce : मुलायम सिंह के छोटे बेटे प्रतीक यादव के तलाक वाली पोस्ट ने तहलका मचा दिया है। पोस्ट में अपर्णा को स्वार्थी महिला बताते हुए परिवार बिखेरने का आरोप लगाया गया है। दोनों की लव मैरिज हुई थी।
Aparna Yadav And Prateek Yadav Love Story: यूपी सरकार की राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष और मुलायम परिवार की छोटी बहु अपर्णा यादव के जीवन में भुचाल आ गया है। पति प्रतीक यादव उन्हें तलाक देने का ऐलान कर दिया है। प्रतीक ने अपर्णा पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। इंस्टाग्राप पर पोस्ट कर प्रतीक ने लिखा कि वो जल्द ही से जल्द अपर्णा यादव को तलाक देने जा रहे हैं। पति ने उन्हें मतलबी औरत बताया। आगे उन्होंने लिखा कि अपर्णा ने मेरे परिवार के रिश्ते खराब कर दिए। अपर्णा बस मशहूर और असरदार बनना चाहती है। अभी, मेरी मेंटल हेल्थ बहुत खराब है और उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि उसे सिर्फ़ अपनी ही चिंता है। मैंने इतनी बुरी औरत कभी नहीं देखी, और मैं बदकिस्मत था कि मेरी शादी उससे हुई। प्रतीक की इंस्टाग्राम पोस्ट के बाद परिवार के सदस्य फोन नहीं उठा रहे हैं। हालांकि, इस मामले में अपर्णा के भाई कुछ मीडिया हाउस से फोन पर बातचीत करते हुए कहा कि ‘प्रतीक का अकाउंट हैक हुआ है। ये पोस्ट उन्होंने खुद नहीं किया है। वह पूरे मामले में जल्द बयान जारी करेंगे।
अपर्णा यादव और प्रतीक यादव की लव स्टोरी एक रोमांटिक शुरुआत से हुई, जो बाद में राजनीतिक परिवार में उलझ गई। 2001 के आसपास अपर्णा और प्रतीक की मुलाकात एक बर्थडे पार्टी में हुई। वहाँ से दोनों के बीच ईमेल के जरिए बातचीत शुरू हुई। प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे (सौतेले भाई अखिलेश यादव के) और अपर्णा (तब अपर्णा बिष्ट), एक पत्रकार की बेटी, धीरे-धीरे एक-दूसरे के करीब आए। ईमेल एक्सचेंज से शुरू हुआ प्यार चिट्ठियों, फोन कॉल्स और मिलने-जुलने में बदल गया। लगभग 10 साल तक यह अफेयर चला, फिर लव मैरिज का फैसला हुआ। दोनों ने परिवार की मंजूरी ली और 2011 में सैफई (इटावा) में बेहद धूमधाम से दोनों ने शादी रचाई। यह शादी उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चित रही। अमिताभ बच्चन जैसे सेलेब्स शामिल हुए, लाखों मेहमान आए। शादी के बाद अपर्णा समाजवादी पार्टी से जुड़ीं, लेकिन बाद में 2022 में भाजपा में चली गईं।
शादी के शुरुआती साल खुशहाल रहे। बता दें दोनों के दो बच्चे हैं। 1 बेटा और 1 बेटी, लेकिन पति प्रतीक यादव के पोस्ट से यह पता चल रहा है कि समय के साथ मतभेद बढ़े- राजनीतिक विचारधारा, महत्वाकांक्षा और पारिवारिक रिश्तों पर असहमति। बता दें जब अपर्णा यादव ने सपा छोड़कर भाजपा से जुड़ी, तो प्रतीक ने भी उनका साथ दिया और उस समय वो उनके साथ खड़े रहें।