लखनऊ

अब घर बैठे बनवाएं वृद्धा पेंशन, हर महीने मिलते हैं तय रुपए, जानें- बनवाने की पूरी प्रोसेस और जरूरी डॉक्यूमेंट्स

- वर्ष 1994 से केंद्र व राज्य सरकार के सहयोग से वृद्धावस्था पेंशन योजना संचालित हो रही है- वृद्धावस्था पेंशन का लाभ लेने के लिए लाभार्थी की उम्र कम से कम 60 वर्ष होनी अनिवार्य है- Uttar Pradesh Old Age Pension Scheme के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन किया जा सकता है
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Updated: 5 Nov 2020, 2:15 PM IST
अब घर बैठे बनवाएं वृद्धा पेंशन, हर महीने मिलते हैं रुपए, ये हैं प्रोसेस और जरूरी डॉक्यूमेंट्स
अब घर बैठे बनवाएं वृद्धा पेंशन, हर महीने मिलते हैं रुपए, ये हैं प्रोसेस और जरूरी डॉक्यूमेंट्स

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

सुलतानपुर. आपके घर में बुजुर्ग हैं और उन्हें अभी तक वृद्धावस्था पेंशन (Uttar Pradesh Old Age Pension Scheme) का लाभ नहीं मिल रहा है तो अब देर मत करिए। वर्ष 1994 से केंद्र व राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से संचालित इस योजना का लाभ कोई भी भारतीय महिला/पुरुष ले सकता है। वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी की न्यूनतम उम्र 60 वर्ष होनी चाहिए। इस योजना के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह से आवेदन किया जा सकता है। इस योजना के तहत लाभार्थी के बैंक खाते में प्रतिमाह 500 रुपए आ जाते हैं।

सुलतानपुर जिले के समाज कल्याण अधिकारी आरवी सिंह ने बताया कि भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार द्वारा संयुक्त रूप से वित्त पोषित 'राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना' समाज कल्याण विभाग के माध्यम से प्रदेश के वृद्धजनों को पेंशन के रूप में आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने के उददेश्य से वर्ष 1994 से संचालित की गई है। इसके तहत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के महिला-पुरुष दोनों वृद्धा पेंशन योजना का लाभ दिया जाता है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार की तरफ से 200 रुपये तथा राज्य सरकार की ओर से 300 रुपए दिये जाते हैं। यानी हर पात्र बुजुर्ग को 500 सौ रुपये हर महीने समाज कल्याण विभाग के माध्यम से उनके बैंक एकाउंट में भेजे जाते हैं।

जिला समाज कल्याण अधिकारी आरवी सिंह कहते हैं कि पहले इस योजना का लाभ लेने के लिए कई बार समाज कल्याण विभाग के कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। अप्रैल 2016 से इस योजना को ऑनलाइन कर दिया गया है। मतलब अब लाभार्थी इसके लिए घर बैठे आवेदन कर सकते हैं।

वृद्धावस्था पेंशन योजना (OAP) में आवेदन करने के लिए आपको संबंधित राज्य सरकार की वेबसाइट से आवेदन करना होगा। इस वृद्धावस्था पेंशन योजना (OAP) में राज्य और केंद्र सरकार, दोनों योगदान करते हैं। केंद्र सरकार की वृद्धावस्था पेंशन योजना (OAP) योजना साल 1994 से ही चल रही है।

पेंशन आवेदन करने के लिए ये दस्तावेज हैं जरूरी
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि वृद्धावस्था पेंशन पाने के लिए के लिए सबसे पहले किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में सेविंग अकाउंट जरूरी होता है। इसके अलावा आयु प्रमाण पत्र, आवेदन करने वाले व्यक्ति की फोटो, जन्म प्रमाण पत्र, पहचान प्रमाण, आधार कार्ड की छाया प्रति, बैंक पासबुक की छाया प्रति और एसडीएम द्वारा जारी किया गया आय प्रमाण पत्र जरूरी होता है।


वृद्धावस्था पेंशन योजना पाने के लिए पात्र व्यक्तियों को ऑनलाइन आवेदन करने के अलावा सीधे लाभार्थियों का चयन ग्रामीण इलाके में ग्राम पंचायत के माध्यम से और शहरी इलाके में उपजिलाधिकारी/सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से किया जाता है। ग्राम पंचायत पात्र लाभार्थियों का आवेदन खण्ड विकास अधिकारी के पास भेजती है और ग्राम पंचायत द्वारा भेजा गया प्रस्ताव खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय के माध्यम से जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय को भेजा जाता है। इसके बाद समाज कल्याण विभाग दस्तावेजों की जांच करता है। दस्तावेज सही पाए जाने पर OAP के लाभार्थी के बैंक अकाउंट में रकम ट्रांसफर कर दी जाती है।

देना होता है जीवित प्रमाण पत्र
जिला समाज कल्याण अधिकारी आरवी सिंह ने बताया कि वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभार्थियों का हर साल मई-जून में सत्यापन कराया जाता है और पेंशन लाभार्थी को खुद से जीवित प्रमाण पत्र देना पड़ता है।

Updated on:
5 Nov 2020, 2:15 PM IST
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