
लखनऊ. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अस्थि कलश अब आज की जगह 21 अगस्त को लखनऊ लाए जाएंगे। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री और एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने ट्वीट करते हुए कार्यक्रम में हुए बदलाव की जानकारी दी। विजय बहादुर पाठक ने ट्वीट करके बताया कि प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों पर 25 अगस्त को और सभी मंडल इकाइयों में 27 एवं 28 अगस्त को श्रद्धांजलि सभाएं होंगी।
ये था कार्यक्रम
अभी तक जो कार्यक्रम था उसके मुताबिक यूपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय और कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के 18 अस्थि कलश को लेकर रविवार दोपहर 3 बजे अमौसी एयरपोर्ट आना था। इस मौके पर राज्यपाल राम नाईक, सीएम योगी आदित्यनाथ समेत तमाम मंत्री अटल जी के अस्थि कलशों की अगवानी करने वाले थे। लेकिन अब कार्यक्रम में बदलाव के चलते 21 अगस्त को अस्थि कलश लखनऊ आएंगे।
बीजेपी कार्यालय में रखे जाएंगे अस्थि कलश
जानकारी के मुताबिक 21 अगस्त को अस्थि कलश अमौसी एयरपोर्ट से कृष्णानगर, अवध चौराहा, सिंगार नगर, आलमबाग चौराहा, टेढ़ी पुलिया, मवैया, चारबाग, बांसमंडी, लालकुआं होते हुए महाराणा प्रताप चौराहा, बर्लिंगटन चौराहा, बापू भवन होते हुए प्रदेश बीजेपी दफ्तर पहुंचेगी। यहां अटल जी के अस्थि कलशों को लोगों के दर्शन के लिए रखा जाएगा।
जिलों के लिए होंगे रवाना
उसके बाद बीजेपी प्रदेश मुख्यालय से प्रदेश की पवित्र नदियों में विसर्जन के लिए अटल जी की अस्थि कलश यात्राएं जिलों के लिए रवाना की जाएंगी। सभी अस्थि कलशों के साथ बीजेपी का एक प्रदेश पदाधिकारी और प्रदेश सरकार का एक मंत्री जाएगा। अटल जी की कलश यात्रा का रास्ते में पड़ने वाले जिलों की जनता भी दर्शन करेगी।
लंबी बीमारी के बाद हुआ निधन
आपको बता दें कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। 93 साल की उम्र में उन्होंने दिल्ली के एम्स में आखिरी सांस ली थी। वह बीती काफी दिनों से बीमार थे और उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था। जिसके बाद से लगातार उनकी हालत काफी नाजुक बनी हुई थी।
इन नदियों में प्रवाहित की जाएंगी अस्थियां
लखनऊ (गोमती), कानपुर के कैंट, शुक्लागंज, चकेरी (गंगा), चित्रकूट (मंदाकिनी), अयोध्या (सरयू), औरैया (यमुना), इटावा (यमुना), फर्रुखाबाद (गंगा), फतेहगढ़ (गंगा), कन्नौज (गंगा), गढ़ मुक्तेश्वर(गंगा) आगरा (यमुना), इलाहाबाद (गंगा, यमुना, सरस्वती), जौनपुर (गोमती), वाराणसी (गंगा), मथुरा (यमुना), मिर्जापुर (गंगा), गोरखपुर (राप्ती), बदायूं (सोत)।