
ऐश्वर्य राज सिंह बने यूपी अध्यक्ष
RLD UP President: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राष्ट्रीय लोक दल (RLD) ने अपने संगठन में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी अध्यक्ष जयंत चौधरी ने वरिष्ठ नेता ऐश्वर्य राज सिंह को उत्तर प्रदेश इकाई की कमान सौंप दी है। यह फैसला ऐसे समय हुआ है, जब इससे कुछ घंटे पहले ही रामाशीष राय ने प्रदेश अध्यक्ष पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इस पूरे घटनाक्रम को सिर्फ नेतृत्व परिवर्तन के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन से आरएलडी की आगे की रणनीति, खासकर पूर्वांचल और युवा वोटरों को लेकर पार्टी की प्राथमिकता भी सामने आती है।
आरएलडी की पारंपरिक राजनीतिक पकड़ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानी जाती है। ऐसे में ऐश्वर्य राज सिंह की नियुक्ति को पूर्वी उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने की कोशिश से जोड़कर देखा जा रहा है। ऐश्वर्य राज सिंह मूल रूप से बस्ती के राजपरिवार से जुड़े हैं। वह पहले पार्टी के राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और आरएलडी की 'टीम आरएलडी' पहल से भी जुड़े रहे हैं।
ऐश्वर्य राज सिंह की राजनीतिक प्रोफाइल बाकी नेताओं से थोड़ी अलग रही है। राजनीति में आने से पहले वह आईटी सेक्टर में काम कर चुके हैं और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में भी रह चुके हैं। पार्टी की आईटी टीम से जुड़कर उन्होंने संगठन के डिजिटल और युवा आउटरीच में काम किया। साल 2017 में उन्होंने बस्ती विधानसभा सीट से आरएलडी के टिकट पर चुनाव भी लड़ा था। हालांकि, उन्हें जीत नहीं मिली थी।
आरएलडी के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती संगठन को चुनाव से पहले बूथ स्तर तक मजबूत करना है। इसके साथ ही पार्टी युवाओं के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। ऐश्वर्य राज सिंह की तकनीकी पृष्ठभूमि और 'टीम आरएलडी' में उनकी भूमिका को देखते हुए पार्टी को उम्मीद है कि वह सोशल मीडिया और नए दौर की राजनीति के जरिए युवाओं से बेहतर जुड़ाव बना पाएंगे।
नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति का समय भी काफी महत्वपूर्ण है। रामाशीष राय के पार्टी छोड़ने के कुछ ही घंटे बाद जयंत चौधरी ने ऐश्वर्य राज सिंह को यूपी की जिम्मेदारी दे दी। इससे पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि नेतृत्व परिवर्तन के बावजूद संगठन में कामकाज प्रभावित नहीं होगा। अब ऐश्वर्य राज सिंह के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट करना और चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करना होगी।
2022 के विधानसभा चुनाव में आरएलडी ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन किया था। बाद में पार्टी ने सपा से अलग होकर बीजेपी के साथ हाथ मिलाया और फिलहाल एनडीए का हिस्सा है। अब 2027 के चुनाव में आरएलडी किस तरह सीटों और संगठन की रणनीति तैयार करती है, यह आने वाले समय में साफ होगा। फिलहाल ऐश्वर्य राज सिंह की नियुक्ति से पार्टी ने यह संकेत जरूर दिया है कि वह चुनाव से पहले पूर्वांचल, युवा वोटर और संगठन विस्तार पर ज्यादा जोर देने की तैयारी में है।
Updated on:
08 Aug 2026 01:24 pm
Published on:
08 Aug 2026 01:24 pm
