
लखनऊ. देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का लंबी बिमारी के चलते आज गुरुवार को निधन हो गया है। 94 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया है। दिल्ली के एम्स में मेडिकल बुलेटिन जारी करते हुए बताया है कि आज शाम 5.05 मिनट पर अटल बिहारी वाजपेयी ने अंतिम सांस ली। वे 11 जून से एम्स में भर्ती थे, लेकन पिछले 36 घंटों में उनकी हालत कुछ ज्यादा ही बिगड़ गई थी। उन्हें लाइफ सोपर्टिंग सिस्टम पर रखा गया था, लेकिन आखिरकार उनका निधन हो गया। राजनीति जगत से लेकर पूरे देश में इससे शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से लेकर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया ट्विटर पर बेहद भावुक करने वाले संदेश दिए हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी है। केशव प्रसाद मौर्या ने भी शोक जाहिर किया ह ।
सीएम योगी ने कहा ये-
सीएम योगी ने उनकी तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि भारत की राजनीति में मूल्यों और आदर्शाें को प्राथमिकता देने वाले,स्वतंत्र भारत के ढांचागत विकास के दूरदृष्टा, भारतीय राजनीति के शलाका पुरुष पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का निधन भारत की राजनीति के महायुग का अवसान है। अटल जी का व्यक्तित्व बहुआयामी और प्रेरक होने के साथ ही वे लोकप्रिय और सर्वमान्य नेता थे, जिनका सभी सम्मान करते थे। भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में अटल जी जैसा विराट व्यक्तित्व मिलना कठिन है। उनका 6 दशक का निष्कलंक राजनैतिक जीवन हमेशा याद किया जाएगा। अटल जी ने राजनीति को मूल्यों और सिद्धान्तों से जोड़कर देश में सुशासन की आधारशिला रखी थी। ओजस्वी वक्ता और प्रखर सांसद के रूप में अटल जी की विशिष्ट पहचान थी। भारतीय संसद की गौरवशाली परम्पराओं को समृद्ध करने के लिए अटल जी को सर्वश्रेष्ठ सांसद का पुरस्कार भी प्रदान किया गया था। अटल बिहारी वाजपेयी जी के साथ सार्वजनिक जीवन में सहभागी होने और संसद में कार्य करने का सुअवसर प्राप्त हुआ। उत्तर प्रदेश अटल जी की कर्मभूमि रहा है। उनके दादा जनपद आगरा के प्राचीन स्थान बटेश्वर के निवासी थे। अटल जी ने एम.ए. की शिक्षा डी.ए.वी. काॅलेज कानपुर में ग्रहण की थी। वर्ष 1957 में बलरामपुर से विजयी होकर वे पहली बार लोकसभा में पहुंचे थे। प्रधानमंत्री के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी जी ने लोकसभा में लखनऊ संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश और अपने संसदीय क्षेत्र के विकास के लिए अविस्मरणीय कार्य किए थे। अटल जी लोकसभा के लिए लखनऊ से 05 बार सांसद निर्वाचित हुए।
अखिलेश ने दी श्रद्धांजलि-
अखिलेश यादव ने कहा- एक महान जीवन का अंत। लेकिन एक प्रेरणा जो सदा जीवित रहेगी। अटल जी को हमारी भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
राजनीति के लिए यह क्षति अपूरणीय है- डिप्टी सीएम केशव-
यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने पूर्व पीएम को याद करते हुए कहा कि भारत के यशस्वी पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के पितामह परम श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेई जी का आकस्मिक निधन पूरे देश के लिए एक बड़ी क्षति है। भारतीय राजनीति के लिए यह क्षति अपूरणीय है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति एवं देशवासियों को संबल प्रदान करें।
पीएम मोदी ने कहा- मैं शून्य में हूं:
उन्होंने कहा है कि मैं नि:शब्द हूं, शून्य में हूं, लेकिन भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा है। हम सभी के श्रद्धेय अटल जी हमारे बीच नहीं रहे। अपने जीवन का प्रत्येक पल उन्होंने राष्ट्र को समर्पित कर दिया था। उनका जाना, एक युग का अंत है। पीएम मोदी ने उनकी एक कविता की पंक्तियों को याद करते हुए कहा कि लेकिन वो हमें कहकर गए हैं-
“मौत की उमर क्या है? दो पल भी नहीं,
ज़िन्दगी सिलसिला, आज कल की नहीं
मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं,
लौटकर आऊँगा, कूच से क्यों डरूं?”
उन्होंने आगे कहा कि अटल जी आज हमारे बीच में नहीं रहे, लेकिन उनकी प्रेरणा, उनका मार्गदर्शन, हर भारतीय को, हर भाजपा कार्यकर्ता को हमेशा मिलता रहेगा। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और उनके हर स्नेही को ये दुःख सहन करने की शक्ति दे। ओम शांति।
विपक्ष भी पहुंचा था उनका हाल-चाल जानने-
अटल बिहारी वाजपेयी ऐसी शख्सियत थे कि भाजपा के लोग क्या विपक्ष भी उनके कायल थे। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके स्वास्थ्य के लिए दुआएं मांगी थी। बसपा सुप्रीमो मायावती उनसे मिलने के लिए दिल्ली पहुंची थी।