लखनऊ

Attack On Faith:उध्धेश्वर मंदिर में एक हजार साल पुरानी मूर्तियां तोड़ीं, लोगों में गुस्सा

Attack On Faith:प्रसिद्ध उध्धेश्वर मंदिर में अराजक तत्वों ने धावा बोलते हुए एक हजार साल पुरानी आठ मूर्तियां खंडित कर डाली। साथ ही धर्मशाला से हजारों का सामान भी पार कर दिया गया। इस घटना से भक्तों में आक्रोश व्याप्त है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।
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Oct 30, 2024
One thousand year old idols broken in the temple of Uttarakhand
अराजक तत्वों ने प्रसिद्ध शिव मंदिर में स्थापित एक हजार साल पुरानी मूर्तियां तोड़ डालीं

Attack On Faith:मंदिर में एक हजार साल पुरानी मूर्तियां तोड़े जाने की घटना से लोगों में आक्रोश व्याप्त है। ये घटना उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के दन्या स्थित उध्धेश्वर (उदाण) शिव मंदिर में घटी है। 11वीं सदी में निर्मित ये शिव मंदिर लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र है। सोमवार देर रात एक इस प्रसिद्ध मंदिर में एक अराजक तत्व ने धावा बोल दिया था। आरोपी ने मंदिर में स्थापित 11वीं सदी की मूर्तियों को खंडित कर दिया। साथ ही मंदिर और धर्मशाला से सामान चोरी कर लिया। मंदिर के प्रधान पुजारी लीलाधर जोशी की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। उध्धेश्वर शिव मंदिर के प्रधान पुजारी ने बताया कि वह रोज की तरह सोमवार रात पूजा-अर्चना कर घर चले गए थे। मंगलवार सुबह आकर देखा तो मंदिर पूरी तरह क्षतिग्रस्त था। गर्भगृह में 11वीं सदी की आठ मूर्तियां खंडित की गई थीं।

कलश आदि सामान भी चोरी

उध्धेश्वर शिव मंदिर में प्राचीन मूर्तियां खंडित करने के साथ ही अराजक तत्व ने कलश, लोटा, परात सहित अन्य सामान चोरी कर लिया। मंदिर की धर्मशाला का दरवाजा भी टूटा हुआ मिला। यहां से भी सामान गायब मिला। प्रधान पुजारी ने इसकी सूचना ग्रामीणों को दी। पुलिस को दी शिकायत में विशन सिंह निवासी गल्ली गांव पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह पहले भी मंदिर में चोरी की घटना को अंजाम दे चुका है।

चंदकाल में बना है ये मंदिर

मंदिर की पौराणिक मूर्तियों को खंडित किए जाने से ग्रामीणों की आस्था को आघात पहुंचा है। इससे लोगों में आक्रोश है। सूचना मिलते ही दन्या थाने से पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई थी। एसओ जसविंदर सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. सीएस चौहान के मुताबिक ये शिव मंदिर 11वी सदी में चंदकाल में बना हुआ है। बताया कि 2006-07 में विभाग की ओर से मंदिर का सर्वेक्षण किया गया था। यहां 11वीं सदी की कत्यूरकालीन मूर्तियां मिली थीं। उन्होंने बताया कि हालांकि कुछ मूर्तियां पहले से ही खंडित हैं।

Updated on:
30 Oct 2024 07:09 am
Published on:
30 Oct 2024 07:09 am