
UP Cabinet Discontinue Kamil Fazil Madrasa Degree: उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने मदरसों की कामिल और फाजिल डिग्री बंद करने का फैसला लिया है। राज्य सरकार ने प्रस्ताव मंजूर कर लिया है कि अब ये डिग्री नहीं दी जाएंगी और पहले वाली भी मान्य नहीं रहेंगी।
इस फैसले पर अयोध्या के संत और महंत खुश नजर आ रहे हैं। संकेत भवन के महंत सीताराम दास जी महाराज ने योगी आदित्यनाथ सरकार और एनडीए की तारीफ की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद सिखाने वाले मदरसों में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की परीक्षाएं बंद होना बहुत अच्छी बात है। अब वहां से डिग्री नहीं मिलेगी जहां लगातार अराजकता फैलाने का काम हो रहा था।
महामंडलेश्वर विष्णु दास महाराज ने भी इस कदम को सराहा। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री को यह कदम उठाना ही चाहिए था क्योंकि आतंकवादी मदरसों में ही मिलते हैं। भारत हो, बांग्लादेश हो या पाकिस्तान, वहां के मदरसों में बच्चों को आतंकवादी बनाने की शिक्षा दी जाती है। अब बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर और अफसर बनना चाहिए, न कि जिहादी।
तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बयान का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि देश भर के सभी मदरसे बंद कर देने चाहिए। यह फैसला बहुत पहले हो जाना चाहिए था। जहां बच्चों का दिमाग धोकर देश के खिलाफ सोचना सिखाया जाता है, जहां पढ़कर निकले लोग पत्थरबाज, आतंकवादी या देश विरोधी नारे लगाने वाले बन जाते हैं, वहां राष्ट्रवाद और मानवता दुश्मन हो जाती है। कई धार्मिक जगहों पर देश प्रेम को दुश्मन माना जाता है। इसलिए जितनी जल्दी हो सके इन्हें बंद करना चाहिए।
परमहंस आचार्य ने आगे कहा कि केशव मौर्या ने तसलीमा नसरीन के लेख का जिक्र करते हुए सही बात कही है। पाकिस्तान और बांग्लादेश के मदरसे भी आतंकवादी तैयार करने की फैक्ट्री बन चुके हैं। वहां से आतंकवाद की ट्रेनिंग मिलती है। इसलिए इन्हें बंद होना चाहिए।
मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने साफ कहा कि मदरसा शिक्षा से कई बड़े आतंकवादी निकले हैं। उन्होंने भारत में हमले किए हों या दुनिया में कहीं और, सब इसी शिक्षा का नतीजा है। उन्होंने दोहराया कि मदरसा पढ़ा व्यक्ति भारत माता की जय नहीं बोलता, वंदे मातरम नहीं गाता और उसकी सोच आतंकवादी जैसी हो जाती है।