Badrinath National Highway: जोशीमठ में बदरीनाथ नेशनल हाईवे को आज यानी 11 जुलाई को खोल दिया गया है, जिसकी जानकारी उत्तराखंड पुलिस ने दी है।
Badrinath National Highway: बदरीनाथ नेशनल हाईवे बंद होने से जोशीमठ और आसपास के इलाके में दो हजार से अधिक तीर्थयात्री फंसे हुए थे, जिसे अब 53 घंटे बाद खोल दिया गया है। 9 जुलाई को भूस्खलन की वजह से हाइवे पूरी तरह गायब हो गया था। इस दौरान, जोशीमठ में कई घंटे इंटरनेट और मोबाइल फोन सेवा भी बाधित रही। इसकी जानकारी उत्तराखंड पुलिस ने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए दी।
उत्तराखंड पुलिस ने सोशल मीडिया हैंडल ‘X’ पर पोस्ट कर लिखा, “चमोली- चुंगी धार, जोशीमठ में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर SDRF व NDRF के जवानों द्वारा पैदल यात्रियों को सकुशल रास्ता पार कराया जा रहा है।”
फंसे यात्री न परिजनों से संपर्क कर पा रहे थे और न ऑनलाइन भुगतान करके सामान खरीद पाए। दैनिक उपयोग के सामान से लेकर रहने के होटल अचानक डेढ़ गुना तक मंहगे हो गए। उपचुनाव के लिए मतदान के कारण 10 जुलाई को बाजार बंद रहा, लिहाजा कई तीर्थयात्रियों को जरूरी सामान नहीं मिल सका। इसके चलते यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
हाईवे का करीब 30 मीटर हिस्सा 9 जुलाई को सुबह छह बजे भूस्खलन की चपेट में आकर पूरी तरह गायब हो गया। उसे नए सिरे से बनाना पड़ रहा है। इसलिए इसमें ज्यादा समय लग रहा है। बदरीनाथ के दर्शन करने जोशीमठ से आगे गए यात्री सड़क बंद होने के कारण फंस गए।
यात्रियों का कहना है कि इंटरनेट बंद होने से उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। जेब में नगदी कम थी और जरूरी सामान खरीदने के लिए वे ऑनलाइन पेमेंट नहीं कर पा रहे थे। परिजनों से संपर्क न होने से लोग परेशान दिखे। मोबाइल और इंटरनेट सेवा शाम करीब सात बजे बहाल हो पाई।