
Bhim Army Chief Chandrashekhar Azad आजाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने शनिवार को समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात करने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला है। भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि समाजवादी पार्टी के साथ विभिन्न मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है जिसके बाद से समाजवादी पार्टी व भीम आर्मी के बीच गठबंधन के कयासों पर लगाम लग गई है।
अखिलेश दलितों को साथ लेकर नहीं चलना चाहते हैं
भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला इस दौरान चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि अखिलेश यादव दलितों को साथ में लेकर नहीं चलना चाहते हैं। मेरा यह मानना था कि विपक्ष को एकजुट किया जाए व किसी भी हाल में भाजपा को जीतने न दिया जाए इसलिए मैं समझौता करने को तैयार था। लेकिन मेरे इस बलिदान को सकारात्मक तरीके से नहीं लिया गया। समाजवादी पार्टी के साथ कई मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी है।
अपने दम पर चुनाव लड़ेगी भीम आर्मी
आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि भीम आर्मी अपने दम पर आगामी विधानसभा चुनाव में मैदान में होगी। हम अभी भी प्रयास करेंगे कि विपक्ष एकजुट हो और किन्हीं भी परिस्थितियों में भाजपा को जीतने नहीं दिया जाए। मेरा यह मानना है कि भाजपा को सत्ता में आने से रोकना है। पिछले पांच साल में जिस तरह से पिछड़े व दलितों का शोषण किया गया है उसे रोकने के लिए यह जरूरी है कि भाजपा सरकार सत्ता में न आए। इसलिए मैं समाजवादी पार्टी के साथ समझौता करने के लिए तैयार था लेकिन समाजवादी पार्टी दलितों को साथ में लेकर चलना नहीं चाहती है। इसीलिए हमारे मुद्दों पर सहमति नहीं बनी है। मुझे कई बार समाजवादी पार्टी कार्यालय बुलाया गया और मैं कई घंटे तक पार्टी कार्यालय पर अखिलेश का इंतजार करता रहा।
कई राज्यों में हमारा संगठन
किसी को लगता है कि भीम आर्मी अपने दम पर चुनावर नहीं लड़ सकती तो बता दे मेरा संगठन सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं आसपास के प्रदेशों तक फैला हुआ भीम आर्मी के कार्यकर्ता अपनी पार्टी को मजबूती से आगामी विधानसभा चुनाव में उतारेंगे। बस डर इस बात का है कि कहीं हमारे बिखराव के चलते भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर से सत्ता में न आजाए।
मायावती को दी जन्मदिन की शुभकामनाएं
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने बसपा प्रमुख मायावती को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं। जिसके बाद से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि चंद्र शेखर आजाद बसपा के साथ जा सकते हैं। हालांकि, अभी तक बहुजन समाज पार्टी की ओर से गठबंधन को लेकर किसी तरह की रूचि नहीं दिखाई गई है।