
Electricity Offer December: बिजली विभाग ने घरेलू और छोटे दुकानदार उपभोक्ताओं के लिए नई बड़ी राहत का ऐलान किया है। आर्थिक बोझ से जूझ रहे उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए विभाग ने बिजली बिल राहत योजना 2025–26 लागू करने का निर्णय लिया है। यह योजना 1 दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगी। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उपभोक्ताओं को पहली बार 100% ब्याज माफी के साथ मूलधन पर भी भारी छूट देने की घोषणा की गई है।
इस कदम का लक्ष्य उन लाखों उपभोक्ताओं को राहत देना है, जो आर्थिक तंगी, आय में कमी, महंगाई और कोविड-19 के बाद की आर्थिक परिस्थितियों से उबर नहीं पाए हैं और समय पर बिजली बिल जमा नहीं कर सके। विभाग का मानना है कि यह योजना बड़ी संख्या में बकाएदारों को फिर से नियमित उपभोक्ता बनाएगी और विद्युत वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति भी सुधरेगी।
बिजली विभाग की इस योजना को उपभोक्ता हित में पिछले कई वर्षों की सबसे बड़ी राहत माना जा रहा है। नीति के तहत मिलने वाले लाभ निम्न हैं:
पहली बार विभाग ने घोषणा की है कि सभी घरेलू,दुकानदार,छोटे व्यावसायिक उपभोक्ताओं के बकाए पर लगने वाला पूरा ब्याज (100%) माफ कर दिया जाएगा। कई उपभोक्ताओं का मूल बकाया 5–10 हजार था, लेकिन ब्याज बढ़कर 20–25 हजार तक हो गया था। यह योजना ऐसे उपभोक्ताओं के लिए वरदान साबित होगी।
जिन उपभोक्ताओं के पास एकमुश्त भुगतान की क्षमता नहीं है, उन्हें 12 माह,24 माह की आसान किस्तों का विकल्प भी मिलेगा। साथ ही, किश्तों के दौरान विलंब शुल्क लागू नहीं होगा।
जिन उपभोक्ताओं का कनेक्शन कट चुका है या जो डिस्कनेक्टेड हैं,डिफॉल्टर घोषित है, गैर-कानूनी तरीके से बिजली ले रहे हैं। वे भी इस योजना के तहत अपना कनेक्शन वैध करा सकते हैं और बकाया माफी पा सकते हैं।
बिजली विभाग के अनुसार, प्रदेश में ऐसे लाखों उपभोक्ता हैं जिन्होंने वर्षों से बिजली बिल जमा नहीं किए। इसका कारण:
इन सबके कारण बिजली विभाग के राजस्व का बड़ा हिस्सा अटका हुआ था। ऐसे में सरकार ने यह बड़ी योजना लाकर
योजना के ऐलान के बाद उपभोक्ताओं में खुशी की लहर है। दुकानदारों का कहना है कि आर्थिक मंदी के बाद अब राहत मिली है। घरेलू उपभोक्ता, विशेषकर गृहिणियां, इसे बड़ी उपहार योजना मान रही हैं। एक गृहिणी ने कहा कि ब्याज इतना बढ़ गया था कि पूरा बिल ही चुकाना मुश्किल हो गया था। यह योजना आई है तो कुछ राहत मिलेगी। एक दुकानदार ने कहा कि कमाई कम है, खर्च ज्यादा। यह फैसला छोटे व्यापारियों के लिए जीवनदान है।
बिजली विभाग का अनुमान है कि लगभग 70 लाख उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इससे बिजली विभाग का रुका हुआ राजस्व भी वापस आएगा। डिफॉल्टर लिस्ट में मौजूद 40% उपभोक्ता फिर से सक्रिय हो जाएंगे। योजना से बिजली चोरी में भी कमी आने की उम्मीद है क्योंकि कनेक्शन दोबारा जोड़ने में आसानी होगी।
बिजली विभाग ने कहा है कि उपभोक्ता इस योजना का लाभ अवश्य लें, क्योंकि यह सीमित अवधि के लिए है,भविष्य में ऐसी राहत दोबारा मिलना मुश्किल ।