
SP Congress Alliance Politics समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर चल रही राजनीतिक खींचतान पर भाजपा ने तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने सपा-कांग्रेस के रिश्तों पर तंज कसते हुए गठबंधन को ‘लठबंधन’ करार दिया। उन्होंने कहा कि दोनों दलों के बीच जिस तरह सार्वजनिक रूप से बयानबाजी हो रही है, उससे साफ है कि गठबंधन के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। सपा और कांग्रेस के नेता एक-दूसरे पर शब्दों के बाण चला रहे हैं और अपनी-अपनी राजनीतिक हैसियत बताने में जुटे हैं।
राकेश त्रिपाठी ने कहा कि सपा-कांग्रेस के बीच हालात इतने खराब हो चुके हैं कि दोनों दलों के नेताओं के बीच आपसी बातचीत तक नहीं हो रही है। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन में संवाद की कमी साफ दिखाई दे रही है और स्थिति यह है कि एक-दूसरे को संदेश देने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है। भाजपा प्रवक्ता ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के सोशल मीडिया पोस्ट का जिक्र करते हुए कहा कि अब अखिलेश यादव भी कांग्रेस को सीधे बातचीत के बजाय सोशल मीडिया के माध्यम से नसीहत देते नजर आ रहे हैं। उनके मुताबिक गठबंधन में शामिल दोनों दलों के बीच समन्वय की कमी लगातार सार्वजनिक होती जा रही है।
त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि सपा के नेता कांग्रेस को उसकी राजनीतिक हैसियत बता रहे हैं, वहीं कांग्रेस के नेता समाजवादी पार्टी को उसकी स्थिति का एहसास कराने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि गठबंधन के सहयोगी दलों को एक-दूसरे की ताकत और कमजोरी का अंदाजा है, लेकिन इसके बावजूद सार्वजनिक मंचों से जिस तरह की बयानबाजी हो रही है, उससे गठबंधन की अंदरूनी स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस गठबंधन का उद्देश्य भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर राजनीतिक मुकाबला करना होना चाहिए, उसके नेता ही एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। ऐसे में जनता के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि दोनों दल वास्तव में एक साथ हैं या केवल राजनीतिक मजबूरी के कारण गठबंधन में बने हुए हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने सपा और कांग्रेस दोनों को अहंकारी बताते हुए कहा कि दोनों दलों के नेतृत्व में एक-दूसरे को साथ लेकर चलने की इच्छाशक्ति दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीट, नेतृत्व और राजनीतिक प्रभाव को लेकर दोनों दलों के बीच खींचतान लगातार बढ़ रही है। राकेश त्रिपाठी ने कहा कि राजनीतिक गठबंधन केवल चुनावी समझौते से नहीं चलता, बल्कि उसके लिए आपसी विश्वास, संवाद और समन्वय जरूरी होता है। उनके अनुसार सपा-कांग्रेस के बीच जिस तरह के बयान सामने आ रहे हैं, वे गठबंधन की मजबूती के बजाय उसके भीतर चल रही असहजता को उजागर कर रहे हैं।
सपा और कांग्रेस के बीच बढ़ती बयानबाजी के बीच भाजपा के इस हमले ने उत्तर प्रदेश की सियासत को और गरमा दिया है। भाजपा लगातार विपक्षी दलों के बीच मतभेदों को मुद्दा बनाकर निशाना साध रही है। वहीं सपा और कांग्रेस के बीच अलग-अलग राजनीतिक मुद्दों पर सामने आने वाली प्रतिक्रियाओं ने गठबंधन की एकजुटता को लेकर चर्चाओं को हवा दी है।
हालांकि सपा और कांग्रेस की ओर से गठबंधन को लेकर अपने-अपने राजनीतिक रुख और रणनीति को लेकर समय-समय पर बयान सामने आते रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच समन्वय और आपसी रिश्तों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की संभावना है। फिलहाल भाजपा ने सपा-कांग्रेस के बीच जारी बयानबाजी को लेकर ‘लठबंधन’ का तंज कसते हुए विपक्षी गठबंधन पर राजनीतिक हमला तेज कर दिया है।