
मऊ, प्रतापगढ़, लखीमपुर खीरी और रामपुर में प्रस्तावित कार्यकर्ता समागम; बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर
UP 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की संगठनात्मक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी क्रम में अपना दल (एस) ने भी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और संगठन की तैयारियों को गति देने की कवायद शुरू कर दी है। पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने लखनऊ में संगठनात्मक समीक्षा बैठक कर चुनावी तैयारियों, बूथ प्रबंधन और संगठन के विस्तार से जुड़े विषयों पर पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। बैठक के बाद पार्टी की ओर से अलग-अलग जिलों में कार्यकर्ता समागम आयोजित करने की योजना सामने आई है।
पार्टी के मुताबिक मऊ में 11 अक्टूबर, प्रतापगढ़ में 17 अक्टूबर, लखीमपुर खीरी में 25 अक्टूबर और रामपुर में 4 नवंबर को कार्यकर्ता समागम प्रस्तावित हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों में संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से संवाद करने, स्थानीय स्तर की गतिविधियों की समीक्षा करने तथा आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संगठनात्मक तैयारियों को आगे बढ़ाने की योजना है।
अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने लखनऊ में हुई संगठनात्मक समीक्षा बैठक में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी तैयारियों पर चर्चा की। रिपोर्टों के अनुसार बैठक में बूथ प्रबंधन, संगठन के विस्तार और कार्यकर्ताओं की सक्रियता जैसे विषय प्रमुख रहे। पार्टी नेतृत्व ने संगठन को गांव, क्षेत्र और बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया। अनुप्रिया पटेल ने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच लगातार संवाद बनाए रखने और संगठनात्मक गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने की बात कही। पार्टी के लिए आगामी चुनाव की तैयारियों में स्थानीय संगठन की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला स्तर पर बड़े कार्यकर्ता कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है।
अपना दल (एस) की ओर से जिन कार्यकर्ता समागमों की घोषणा की गई है, उनमें पहला कार्यक्रम 11 अक्टूबर को मऊ में प्रस्तावित है। इसके बाद 17 अक्टूबर को प्रतापगढ़ में कार्यकर्ताओं का कार्यक्रम होगा। 25 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में समागम आयोजित करने की योजना है, जबकि 4 नवंबर को रामपुर में कार्यकर्ताओं को एकत्र करने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक अपने संगठनात्मक नेटवर्क को सक्रिय करने की कोशिश कर रही है। अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यकर्ता समागम आयोजित करने का मकसद स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करना तथा संगठन की जमीनी गतिविधियों की समीक्षा करना बताया गया है।
2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में अपना दल (एस) का जोर बूथ स्तर की संगठनात्मक संरचना पर है। पार्टी नेतृत्व की ओर से कार्यकर्ताओं को प्रत्येक बूथ तक संगठन की मौजूदगी मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर जनता के साथ संपर्क बनाए रखने का संदेश दिया गया है। बूथ स्तर की तैयारियों में स्थानीय कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम होती है। ऐसे में पार्टी की ओर से जिला और क्षेत्रीय स्तर के कार्यक्रमों के साथ बूथ प्रबंधन को भी चर्चा में रखा जा रहा है। समीक्षा बैठकों और कार्यकर्ता समागमों के जरिए संगठन के अलग-अलग स्तरों के बीच समन्वय बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
अपना दल (एस) एनडीए का घटक दल है। अनुप्रिया पटेल ने हाल में कहा था कि 2027 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन के सभी घटक दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि जिस सीट पर एनडीए का जो उम्मीदवार होगा, गठबंधन के कार्यकर्ता उसकी जीत के लिए काम करेंगे। सीटों के बंटवारे को लेकर फिलहाल अंतिम तस्वीर सामने नहीं आई है। अनुप्रिया पटेल ने सितंबर में कहा था कि एनडीए में सीटों के बंटवारे को लेकर उस समय तक कोई चर्चा नहीं हुई थी और चुनाव नजदीक आने पर घटक दल इस विषय पर बातचीत करेंगे।
ऐसे में अपना दल (एस) की मौजूदा गतिविधियों का मुख्य फोकस सीटों की घोषणा से पहले संगठनात्मक तैयारियों पर दिखाई दे रहा है। पार्टी की ओर से अभी जिन कार्यक्रमों की घोषणा की गई है, उनमें संगठन को सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बढ़ाने को प्राथमिकता दी गई है।
उत्तर प्रदेश भौगोलिक और सामाजिक रूप से विविध राज्य है। अलग-अलग क्षेत्रों में पार्टी संगठन की स्थिति और स्थानीय राजनीतिक समीकरण भी अलग हैं। ऐसे में अपना दल (एस) की ओर से पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कार्यक्रम आयोजित करने की योजना को संगठनात्मक विस्तार की कवायद के तौर पर देखा जा सकता है।
मऊ और प्रतापगढ़ जैसे पूर्वी क्षेत्र के जिलों के बाद लखीमपुर खीरी और रामपुर में कार्यक्रम प्रस्तावित किए गए हैं। इस क्रम से पार्टी के कार्यक्रमों का दायरा प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों तक रखने की योजना स्पष्ट होती है। हालांकि इन कार्यक्रमों के बाद संगठन की स्थानीय स्थिति में कितना बदलाव आता है, इसका आकलन आगामी गतिविधियों और चुनावी प्रक्रिया के दौरान ही किया जा सकेगा।
पार्टी नेतृत्व की ओर से कार्यकर्ताओं को जनता से लगातार संपर्क बनाए रखने के साथ सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर भाषा की मर्यादा का ध्यान रखने की सलाह भी दी गई है। अनुप्रिया पटेल ने पार्टी कार्यकर्ताओं और सोशल मीडिया टीम से सार्वजनिक संवाद में संयमित भाषा का इस्तेमाल करने को कहा है। राजनीतिक दलों के लिए सोशल मीडिया अब संगठनात्मक संवाद का एक प्रमुख माध्यम बन चुका है। ऐसे में अपना दल (एस) भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कार्यकर्ताओं की गतिविधियों और सार्वजनिक संवाद को लेकर दिशा-निर्देश दे रहा है। पार्टी की समीक्षा बैठकों में संगठन के पारंपरिक ढांचे के साथ डिजिटल माध्यमों पर भी चर्चा की जा रही है।
अपना दल (एस) की वेबसाइट के अनुसार अनुप्रिया पटेल पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा की मौजूदा सदस्य-सूची में अपना दल (एस) के कई विधायक भी दर्ज हैं, जो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के सामने अपने मौजूदा संगठन को सक्रिय रखने के साथ नए क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को विस्तार देने की चुनौती भी है। कार्यकर्ता समागमों के जरिए पार्टी नेतृत्व स्थानीय पदाधिकारियों से फीडबैक लेने, संगठन की गतिविधियों की समीक्षा करने और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
2027 के विधानसभा चुनाव में अपना दल (एस) कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा, इसे लेकर अभी कोई अंतिम आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। पार्टी नेतृत्व ने सीट-बंटवारे पर चर्चा बाद में होने की बात कही है। ऐसे में फिलहाल कार्यकर्ता समागमों और संगठनात्मक गतिविधियों को संभावित सीटों की संख्या से जोड़कर देखना जल्दबाजी होगी। फिलहाल पार्टी का जोर संगठन को चुनाव के लिए तैयार करने, बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और विभिन्न जिलों में संवाद कार्यक्रम आयोजित करने पर है। आने वाले दिनों में मऊ, प्रतापगढ़, लखीमपुर खीरी और रामपुर के कार्यक्रमों के बाद पार्टी की आगे की रणनीति और अधिक स्पष्ट हो सकती है।
11 अक्टूबर से शुरू होने वाले कार्यकर्ता समागमों का सिलसिला नवंबर की शुरुआत तक चलने की योजना है। इन कार्यक्रमों में स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की भागीदारी के साथ संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। पार्टी नेतृत्व के लिए यह दौर जमीनी संगठन की सक्रियता का आकलन करने और आगामी महीनों की रणनीति तय करने का अवसर भी होगा।
इस तरह 2027 के विधानसभा चुनाव में अभी समय बाकी होने के बावजूद अपना दल (एस) ने संगठनात्मक स्तर पर गतिविधियां बढ़ा दी हैं। लखनऊ में समीक्षा बैठक के बाद जिलों में कार्यकर्ता समागमों की घोषणा के साथ पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। अब मऊ से शुरू होने वाले कार्यक्रमों में संगठन किस तरह अपनी तैयारियों को आगे बढ़ाता है और आने वाले समय में एनडीए के भीतर सीट-बंटवारे को लेकर क्या तस्वीर सामने आती है, इस पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।
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Updated on:
03 Oct 2026 01:24 pm
Published on:
03 Oct 2026 01:22 pm
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