
अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य (PC: ANI)
Swami Prasad Maurya joins India Alliance:उत्तर प्रदेश और देश के राजनीतिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने शनिवार को राहुल गांधी से मुलाकात की है। इस अहम बैठक के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी अब विपक्षी दलों के 'INDIA' गठबंधन का हिस्सा बनने जा रही है।
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच विपक्षी एकजुटता को लेकर सकारात्मक वार्ता हुई है। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी जिस तरह से देशभर में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों तथा उनकी आवाज को प्रमुखता से उठा रहे हैं, उनकी पार्टी भी उत्तर प्रदेश की राजनीति में इसी सामाजिक न्याय के एजेंडे पर काम कर रही है। इसी समान विचारधारा के चलते हम गठबंधन का हिस्सा बनकर आगामी चुनावी मैदान में उतरेंगे।
मौर्य ने कहा कि आगामी चुनावों में उनका नारा 'भाजपा हटाओ-देश बचाओ' और 'संविधान बचाओ-भाजपा हटाओ' होगा। उन्होंने कहा कि देश के लोकतंत्र, संविधान और वंचित वर्गों के हक की रक्षा के लिए सभी समान विचारधारा वाले दलों को एक मंच पर आना आवश्यक है।
चुनाव में मिलने वाली सीटों के सवाल पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि INDIA गठबंधन में शामिल होने का सैद्धांतिक फैसला हो चुका है, लेकिन किस दल को कितनी सीटें मिलेंगी और सीटों का क्या गणित रहेगा, इस पर अंतिम बातचीत बाद में आलाकमान के साथ बैठकर तय की जाएगी।
इससे पहले स्वामी प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा था कि, "सपा अकेले भाजपा को सत्ता से नहीं हटा सकती। उन्होंने भाजपा को हराने के लिए तीसरे मोर्चे की जरूरत बताई थी।" स्वामी प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव के PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक फॉर्मूले पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि अखिलेश यादव खुद अब तक यह नहीं समझ पाए हैं कि उनके PDA का असली मतलब क्या है। मौर्य के मुताबिक, अखिलेश जहां भी बैठक करते हैं, वहां PDA की अलग परिभाषा सामने आती है।
इससे पहले स्वामी प्रसाद मौर्य ने आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद तथा AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से भी मुलाकात की थी। इन मुलाकातों को यूपी चुनाव 2027 से पहले छोटे दलों को एक साथ लाने की उनकी कोशिश से जोड़कर देखा गया था।
Updated on:
03 Oct 2026 04:09 pm
Published on:
03 Oct 2026 01:35 pm
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