
Bronze Winner Raja Bhaiya's Royal Lifestyle: 49वीं यूपीस्टेट शूटिंग चैंपियनशिप-2026 में कांस्य पदक जीतने के बाद एक बार फिर कुंडा विधायक कुंवर रघुराज प्रताप सिंह 'राजा भैया' चर्चा में हैं। राजनीतिक जीवन के अलावा उनकी पहचान एक ऐसे शख्स के रूप में भी है, जिन्हें खेल, घुड़सवारी, विमानन, लग्जरी कारों और पशुपालन का विशेष शौक है।
वर्षों से राजा भैया की जीवनशैली और उनके शौक लोगों के बीच चर्चा का विषय रहे हैं। विशेष रूप से देशी नस्ल के बैलों, गायों और घोड़ों के प्रति उनका लगाव उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान देता है।
राजा भैया लंबे समय से शूटिंग खेल से जुड़े हुए हैं। वे राष्ट्रीय रायफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के आजीवन सदस्य हैं और समय-समय पर शूटिंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते रहे हैं। नई दिल्ली के डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित 49वीं यूपी स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप-2026 में एस-25 क्ले पिजन ट्रैप शूटिंग (एनआर) पुरुष व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने साबित किया कि राजनीतिक व्यस्तताओं के बावजूद खेल के प्रति उनका समर्पण आज भी बरकरार है।
राजा भैया को विमानन (Aviation) और एयरक्राफ्ट में विशेष रुचि रखने वाले नेताओं में गिना जाता है। विभिन्न सार्वजनिक चर्चाओं और मीडिया रिपोर्टों में समय-समय पर उनके एयरक्राफ्ट के प्रति लगाव का उल्लेख मिलता रहा है। हालांकि, उनके नाम पर किसी विशेष विमान या हेलीकॉप्टर के स्वामित्व की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। विमानन तकनीक, उड़ान और आधुनिक एविएशन से जुड़ी गतिविधियों में उनकी दिलचस्पी लंबे समय से चर्चा का विषय रही है।
राजा भैया का नाम उत्तर प्रदेश के उन नेताओं में लिया जाता है जिन्हें प्रीमियम और लग्जरी वाहनों का शौक है। सार्वजनिक कार्यक्रमों और उनके काफिले में समय-समय पर Toyota Land Cruiser, Mercedes-Benz, BMW, Lexus और Toyota Fortuner जैसी एसयूवी और लग्जरी गाड़ियां देखी गई हैं। इन वाहनों की कीमत मॉडल और वेरिएंट के अनुसार लगभग 50 लाख रुपये से 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक तक हो सकती है।
इन गाड़ियों की खासियत दमदार इंजन, उच्च सुरक्षा मानक, ऑफ-रोड क्षमता, आधुनिक तकनीक, लक्जरी इंटीरियर और लंबी दूरी के आरामदायक सफर के लिए जानी जाती है। यही कारण है कि इनका उपयोग अक्सर वीआईपी और जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जाता है।
राजा भैया को घुड़सवारी का विशेष शौक है। उनके अस्तबल में मारवाड़ी (Marwari) और काठियावाड़ी (Kathiawari) जैसी प्रसिद्ध भारतीय नस्ल के घोड़े होने की चर्चा रहती है।
मारवाड़ी घोड़े अपने अंदर की ओर मुड़े हुए कान, तेज रफ्तार, फुर्ती और लंबी दूरी तय करने की क्षमता के लिए प्रसिद्ध हैं। वहीं काठियावाड़ी घोड़े अपनी सहनशक्ति, संतुलन और शांत स्वभाव के कारण जाने जाते हैं। इन नस्लों के प्रशिक्षित घोड़ों की कीमत सामान्यतः 5 लाख रुपये से 25 लाख रुपये या उससे अधिक हो सकती है।
राजा भैया का पशुपालन के प्रति भी विशेष लगाव बताया जाता है। उनके फार्म पर भारतीय नस्ल की गायों और बैलों के पालन की चर्चा होती रही है। इनमें प्रमुख रूप से गिर (Gir), साहीवाल (Sahiwal) और थारपारकर (Tharparkar) जैसी नस्लों का उल्लेख मिलता है। गिर नस्ल गुजरात की प्रसिद्ध दुग्ध नस्ल है, जो अधिक दूध उत्पादन और मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए जानी जाती है। एक अच्छी गिर गाय की कीमत लगभग 2 लाख से 6 लाख रुपये तक हो सकती है।
साहीवाल नस्ल पंजाब क्षेत्र की प्रमुख भारतीय नस्ल है, जिसे देश की सबसे बेहतर दुग्ध नस्लों में गिना जाता है। इसकी कीमत सामान्यतः 1.5 लाख से 5 लाख रुपये तक होती है। थारपारकर नस्ल राजस्थान और सिंध क्षेत्र की प्रसिद्ध नस्ल है। यह गर्म मौसम में भी अच्छी उत्पादन क्षमता बनाए रखने के लिए जानी जाती है और इसकी कीमत लगभग 1.5 लाख से 4 लाख रुपये तक हो सकती है।
आधुनिक लग्जरी कारों के साथ-साथ राजा भैया को पारंपरिक भारतीय बैलगाड़ी से भी विशेष लगाव बताया जाता है। कई सामाजिक और ग्रामीण आयोजनों में उन्हें बैलगाड़ी की सवारी करते हुए देखा गया है। यह उनके ग्रामीण जीवन और भारतीय परंपराओं से जुड़ाव को दर्शाता है। अच्छी तरह तैयार पारंपरिक बैलगाड़ी की कीमत उसकी लकड़ी, डिजाइन और निर्माण के आधार पर 50 हजार रुपये से 5 लाख रुपये या उससे अधिक हो सकती है।
राजा भैया की जीवनशैली में आधुनिक और पारंपरिक दोनों का अनोखा मेल दिखाई देता है। एक ओर वे शूटिंग, लग्जरी कारों और आधुनिक तकनीक में रुचि रखते हैं, वहीं दूसरी ओर भारतीय नस्ल के घोड़ों, गायों, बैलों और ग्रामीण संस्कृति से भी गहरा लगाव रखते हैं। यही कारण है कि उनके शौक अक्सर लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रहते हैं।